उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय में नए कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय




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हरिद्वार
उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति पद पर नई नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में निर्गत अस्थायी/अंतरिम व्यवस्था से संबंधित आदेश संख्या-24077 23 अगस्त 2025 को अतिक्रमित करते हुए प्रो. रमाकान्त पाण्डेय को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-12 की उपधारा (1) के अंतर्गत, चयन समिति द्वारा प्रस्तुत पैनल से की गई है।
आदेश के अनुसार प्रो. रमाकान्त पाण्डेय कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी तीन वर्षों की अवधि अथवा अग्रेत्तर आदेश तक, जो भी पहले हो, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के कुलपति के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शासन के इस निर्णय को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
प्रो. रमाकान्त पाण्डेय वर्तमान में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर (राजस्थान) में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उनका जन्म 2 फरवरी 1965 को हुआ। वे एम.ए. (संस्कृत), पी-एच.डी. एवं डी.लिट्. जैसी उच्च शैक्षणिक उपाधियों से अलंकृत हैं। संस्कृत भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत व्यापक और बहुआयामी रहा है।
उन्हें 31 वर्षों से अधिक का अध्यापन एवं शोध अनुभव प्राप्त है, जबकि प्रोफेसर के रूप में वे 14 वर्षों से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ ही 15 वर्षों का समृद्ध प्रशासनिक अनुभव भी उनके खाते में है। वे दूरस्थ शिक्षा, मुक्तस्वाध्याय पीठ, संकाय डीन, परिसर निदेशक जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।
शोध एवं प्रकाशन के क्षेत्र में प्रो. पाण्डेय का योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनकी 65 पुस्तकें, 150 से अधिक शोधपत्र एवं दर्जनों साहित्यिक लेख प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने 25 शोधार्थियों को पी-एच.डी. उपाधि प्राप्त कराई है, जबकि अनेक शोधार्थी वर्तमान में उनके मार्गदर्शन में शोधरत हैं।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन, पाठ्यक्रम निर्माण, नैक मूल्यांकन, मूक्स व ई-कंटेंट विकास जैसे क्षेत्रों में भी उनकी सक्रिय सहभागिता रही है। उन्हें राज्यस्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर के 14 पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं तथा वे देश-विदेश में अनेक संगोष्ठियों और सम्मेलनों में विषय विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ता के रूप में भाग ले चुके हैं। प्रो. रमाकान्त पाण्डेय की कुलपति पद पर नियुक्ति से उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के शैक्षणिक स्तर, शोध गुणवत्ता एवं राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय पहचान को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।