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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार के पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के आदेश के बाद वापस अपनी ससुराल जा रही सना को बॉर्डर पर पाकिस्तान जाने से रोक दिया गया। जबकि उसके साथ मौजूद उसके दो बच्चों को पाकिस्तान जाने की अनुमति दे दी गई। सना ने अकेले बच्चों को पाकिस्तान भेजे जाने से इंकार कर दिया। अब वह इस मामले में उच्च अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रही है।
बता दें कि मेरठ के सरधना कसबे की रहने वाली सना की 5 साल पहले पाकिस्तान के डॉ ताहिर से शादी हुई थी। सना एक हफ्ते पहले ही शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत में अपने मायके आई थी। यहां उसे परिवार के शादी के कार्यक्रम में शामिल होना था। पहलगाम घटना के बाद गृह मंत्रालय ने 48 घंटे में सभी पाकिस्तानियों को देश छोड़ने के आदेश दे दिए थे।
इस आदेश के बाद मेरठ की बेटी और पाकिस्तान की बहू सना की ज़िंदगी इन दिनों मुश्किल में है। सना को पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर हालात के चलते अपने दो बच्चों संग वापस भेजने के लिए परिवार के लोग 25 अप्रैल को बॉर्डर पर पहुंचे थे। लेकिन बॉर्डर पर सना को प्रवेश नहीं दिया गया। बताया गया कि उसका पासपोर्ट भारतीय है जबकि उसके दोनों बच्चों के पासपोर्ट पाकिस्तानी है। भारतीय पासपोर्ट होने के कारण उसे बॉर्डर के उस पार जाने से रोक दिया गया जबकि उसके दोनों बच्चों को पाकिस्तान जाने की अनुमति दे दी गई। लेकिन सना ने बच्चों को अकेले पाकिस्तान भेजे जाने से इंकार कर दिया। दरअसल उसके दोनों बच्चे अभी छोटे हैं। उसका बेटा करीब तीन साल का है जबकि बेटी अभी एक साल की है। इतनी छोटी उम्र के बच्चे अकेले नहीं रह सकते।
सना के परिजन कहते हैं कि वो पहलगाम में हुए आतंकी हमले से बेहद दुखी है। उनकी बच्ची यहां फंस गई है। अब जो रास्ता सरकार निकालेगी वो सही होगा। फिलहाल सना और दोनों बच्चें एलआईयू की निगरानी में अपने सरधना में मायके में रह रही है। प्रशासन पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क कर आगे की प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है।
पाकिस्तान जा रही सना को बॉर्डर पर रोका, बच्चों को दी जाने की इजाजत



