न्यूज 127. हरिद्वार।
धर्मनगरी हरिद्वार में एलपीजी रसोई गैस की किल्लत अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। उपभोक्ता अभी भी गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए एजेंसियों पर लंबी कतार लगाए खड़े हैं वहीं दूसरी ओर कुछ लोग मुनाफाखोरी के लिए ब्लैक में रसोई गैस सिलेंडर बेच कर लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं।
कामर्शियल गैस सिलेंडर की उपलब्धता शुरू न होने से होटल और ढाबा संचालक जहां कोयला भट्टी, इंडैक्शन चूल्हा आदि विकल्प के रूप में अपना रहे हैं वहीं ब्लैक में गैस सिलेंडर खरीदने को भी मजबूर हो रहे हैं। एलपीजी गैस की किल्लत ने धर्मनगरी को अपनी चपेट में ले लिया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सबसे अधिक प्रभावित स्ट्रीट फूड का कार्य हुआ है। खाने के सामने की ठेली लगाकर आम आदमी के बजट वाला भोजन देने वाले इस स्ट्रीट वेंडरों को अब खुद के परिवार के लिए भी दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल हो रहा है।
जगजीतपुर निवासी हरिओम ने बताया कि उनका गैस सिलेंडर खत्म हो गया था, केवाईसी न होने की वजह से बुकिंग नहीं हुई। डिलीवरी मैन से सिलेंडर मांगा तो उसने तीन हजार रुपये में सिलेंडर देने को कहा। गृहिणी रेखा ने बताया कि उसने मजबूरी में दो दिन पहले दो हजार में सिलेंडर खरीदा था। अपर रोड के एक दुकानदार ने नाम न छापने शर्त पर बताया कि उसे 3300 रुपये में कामर्शियल गैस सिलेंडर खरीदना पड़ा।
प्रशासन भले ही दावा करे कि रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए नोडल अधिकारी तैनात कर निगरानी करायी जा रही है। कुछ स्थानों पर छापेमारी भी की गई लेकिन हकीकत यही है कि कामर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने पर वो ब्लैक में खरीदा गया घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे दुकानदारों का यही कहना है कि क्या करें मजबूरी है, दुकान में लकड़ी जलाकर खाना नहीं पकाया जा सकता। कोयला भट्टी अधिकतर होटल ढाबों पर नहीं है।
एलपीजी गैस की उपलब्धता न होने पर सबसे अधिक असर धर्मनगरी के आश्रमों में हो रहा है। जिन आश्रमों में प्रतिदिन 10 से 15 गैस सिलेंडरों की खपत थी वहां दो सिलेंडर भी समय से नहीं मिल रहे हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि बुकिंग के अनुसार सभी को सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार और प्रशासन द्वारा जारी एसओपी के अनुसार ही बुकिंग कर उपभोक्ता को रसोई गैस दी जा रही है। बताया कि कुछ लोग जरूरत न भी होने पर गैस सिलेंडर भरवाकर अपने यहां रख रहे हैं, जिस कारण जरूरतमंद को परेशान होना पड़ रहा है।
धर्मनगरी में रसोई गैस की किल्लत, मुनाफाखोर ब्लैक में बेच रहे सिलेंडर




