न्यूज 127, देहरादून
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीएमएफ) के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन के लिए राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों को समिति की संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देशित किया कि स्वीकृत प्रस्तावों के अंतर्गत जारी किए गए फंड और कार्यों की भौतिक प्रगति की सतत निगरानी की जाए। इसके लिए विभागों से निर्धारित एमसीआर फॉर्मेट पर प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की जाए।
सिंचाई विभाग को निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में इंजीनियर्स की नियोजन समिति को सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रस्ताव को भेजने से पहले तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की गहन जांच अनिवार्य रूप से की जाए।
मुख्य सचिव ने सचिव आपदा को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठकों में ईएनसी पीडब्ल्यूडी को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए स्पष्ट नॉर्म्स तय करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल की स्थिति और प्रकृति के अनुसार अलग-अलग समाधान अपनाए जाने चाहिए और जहां संभव हो, वहां वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य सचिव ने देहरादून जनपद के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण के प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, आनंद स्वरूप, अपर सचिव रंजना राजगुरु तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



