डीएवी के राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, जीते स्वर्ण-रजत पदक




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हरिद्वार।
डीएवी प्रबन्धकर्तृ समिति, नई दिल्ली के तत्वाधान में हरिद्वार में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के तमाम डीएवी के खिलाड़ियों का दमदार और शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर खेल प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
हरिद्वार के वंदना कटारिया स्टेडियम एवं हरिद्वार स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित डीएवी विद्यालयों के राष्ट्रीय खेल महाकुम्भ में भारत के 18 राज्यों से आए लगभग 4000 खिलाड़ियों के बीच उत्तराखंड की टीमों ने विभिन्न खेलों में पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।


योगा प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने विशेष छाप छोड़ी। अंडर-14 योगा टीम इवेंट में उत्तराखंड की टीम ने कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं अंडर-14 योगा फाइनल में बिहार और सिक्किम के साथ मुकाबले में उत्तराखंड ने ब्रांज मेडल हासिल कर सराहना बटोरी। योगा में राज्य के खिलाड़ियों की तकनीक और अनुशासन दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
बैडमिंटन में भी उत्तराखंड का प्रदर्शन सराहनीय रहा। बैडमिंटन अंडर-14 इंडिविजुअल फाइनल में उत्तराखंड के तनिष्क अरोड़ा ने शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं अंडर-14 टीम चैंपियनशिप में उत्तराखंड की टीम ने रजत पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया। अंडर-19 हैंडबॉल में भी उत्तराखंड की टीम ने कांस्य पदक प्राप्त किया।


क्रिकेट स्पर्धाओं में उत्तराखंड की टीमों ने कड़ा संघर्ष किया। अंडर-17 क्रिकेट में उत्तराखंड ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि अंडर-19 क्रिकेट में भी टीम ने रजत पदक जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया। यह उपलब्धि राज्य में उभरती क्रिकेट प्रतिभा का प्रमाण मानी जा रही है।
जूडो प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी। अंडर-14 में श्रेयांश चमोला, अभिषेक राणा सहित कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते। अंडर-17 और अंडर-19 जूडो स्पर्धाओं में भी उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक जीतकर राज्य का परचम लहराया।
शतरंज अंडर-17 के फाइनल में उत्तराखंड ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं स्क्वैश, हैंडबॉल और अन्य खेलों में भी उत्तराखंड की टीमों ने दमदार खेल दिखाते हुए कई मुकाबलों में पोडियम पर स्थान बनाया।
खेलों के समापन अवसर पर सभी विजेता खिलाड़ियों को विशिष्ट अतिथियों द्वारा मेडल और ट्रॉफी प्रदान की गई। उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अल्पना शर्मा ने उत्तराखंड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के छात्र-खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड खेलों के क्षेत्र में और नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी डीएवी परिवार के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।

तीन दिवसीय प्रतियोगिता और करीब 15 दिनों की मेहनत
डीएवी के राष्ट्रीय खेलों की तीन दिवसीय प्रतियोगिता के आयोजन को सफल बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन ने करीब 15 दिनों तक दिन रात मेहनत की। खेल मैदान के चयन से लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए। खेल मैदान पर चिकित्सा सुविधा के अलावा खिलाड़ियों की हर छोटी बड़ी जरूरतों का ध्यान रखा गया। डीएवी सेंटेनरी स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल, बीएम डीएवी की प्रधानाचार्य लीना भाटिया ने समन्वय बनाकर तमाम खेल मैदान की व्यवस्थाओं को जांचा परखा और तमाम स​मुचित प्रबंध उपलब्ध कराए। डीएवी के समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं, आफिस स्टॉफ से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक खेल मैदान पर उपलब्ध रहे।