शिक्षक समाज का दर्पण, जैसे होंगे शिक्षक वैसा होगा समाज: ऋतु भूषण खंडूरी




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न्यूज 127.
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि शिक्षक समाज का आइना होता है। जैसे शिक्षक होंगे वैसा ही आना वाला समाज होगा। शिक्षकों को चाहिए कि वह अपने कर्तव्यों का निष्ठा से निर्वहन कर एक शिक्षित समाज के निर्माण में अपनी भागेदारी निभाए। शिक्षक को अपनी जाति, धर्म से पहले अपने विधार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ नागरिक बनाना महत्वपूर्ण है।

यह बात ऋतु खंडूरी ने गढ़वाल विधानसभा में बालासौड़ रोड पर स्थित संगम रिसोर्ट में अनुसूचित जाति–जनजाति शिक्षक एसोसिएशन जनपद पौड़ी गढ़वाल के दो दिवसीय सेमिनार शिक्षक उन्नयन संवाद कार्यक्रम में बतौर मुख्य अथिति प्रतिभाग करते हुए कही।

विधानसभा अध्यक्ष ने शिक्षकों को समाज का प्रमुख दर्पण बताते हुए कहा कि शिक्षकों अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना आवश्यक है। शिक्षक को अपनी जाति, धर्म से पहले अपने विधार्थियों को अच्छी शिक्षा के साथ नागरिक बनाना महत्वपूर्ण है। विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न जनपदों से अधिवेशन में पहुंचे शिक्षकों को शिक्षक के रूप में उनकी भूमिका बताई। उन्होंने कहा बिना शिक्षक के समाज से बुराईयों को समाप्त करना मुश्किल है। एक शिक्षक ही है जो समाज को सही दिशा देने का कार्य कर सकता है।

अनुसूचित जाति–जनजाति संगठन के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी बाते सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम में अध्यक्ष बिजेंद्र आर्य, प्रदेश संरक्षक सोहन लाल, प्रदेश अध्यक्ष संजय टम्टा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र प्रकाश, जगदीश राठी, संजीव कुमार, दिलबर सिंह विवेक भारती, अनूप पाठक, भारत भूषण आदि लोग उपस्थित रहे।