उप निरीक्षक सुधांशु कौशिक की सूझबूझ और बहादुरी से बंधक बनी महिला की जान बची








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हरिद्वार
कनखल पुलिस की मुस्तैदी, सजगता और तत्परता से एक महिला की जान बच गई। एक युवक ने अपनी ही मां को घर में बंधक बनाकर गैस सिलेंडर से जिंदा जलाने की धमकी दे दी थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी जगजीतपुर उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए हमलावर को काबू कर लिया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। जबकि आरोपी बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर दिया। जहां से आरोपी नमन पुत्र स्व0 तनमय नि0 राधिका एनक्लेव थाना कनखल जनपद हरिद्वार को जेल भेज दिया गया है।
घटना 12 मार्च 2026 की शाम करीब 6:24 बजे की है, जब डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि राधिका एन्कलेव कॉलोनी में एक व्यक्ति ने अपनी मां को घर में बंद कर रखा है और एलपीजी गैस का रिसाव कर आग लगाने की धमकी दे रहा है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी जगजीतपुर उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक तत्काल मौके पर पहुंचे और पड़ोसियों से जानकारी जुटाई।


मौके पर पता चला कि नमन शर्मा (36) पुत्र स्वर्गीय तनमय शर्मा ने अपनी मां शालिनी शर्मा (62) को घर के अंदर बंधक बना लिया है। आरोपी ने घर के मुख्य गेट पर अंदर से ताला लगा रखा था और गैस सिलेंडर की गैस खोलकर आग लगाने की धमकी दे रहा था। पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर फायर सर्विस, प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह रावत और सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी को भी बुलाया गया।


पुलिस के कई प्रयासों के बावजूद जब आरोपी ने दरवाजा नहीं खोला तो हालात तनावपूर्ण हो गए और आशंका जताई जाने लगी कि कहीं महिला को नुकसान न पहुंचा दिया गया हो। ऐसे में चौकी प्रभारी सुधांशु कौशिक ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए एक अलग रणनीति अपनाई। उन्होंने पुलिस कर्मियों को लोहे काटने वाला कटर (ग्राइंडर) लाने के लिए भेजा और स्वयं आरोपी को बातचीत में उलझाए रखा।
कुछ ही देर में पुलिस कर्मी कटर लेकर पहुंचे। इस दौरान उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक ने मकान के बाहर लकड़ी की सीढ़ी लगवाई और मकान की छत पर बनी मुमटी तक पहुंचे। वहां लगी खिड़की का शीशा तोड़कर वह घर के अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि आरोपी नमन शर्मा के हाथ में चाकू था और गैस सिलेंडर की गैस भी खुली हुई थी, जबकि उसके हाथ में लाइटर भी था।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक ने बिना समय गंवाए साहसिक कदम उठाया और अचानक झपट्टा मारकर आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने उसे जमीन पर गिराकर काबू कर लिया और उसके हाथ से चाकू छुड़ा दिया। इसी दौरान बाहर मौजूद पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने इलेक्ट्रॉनिक कटर से मुख्य गेट काटकर खोल दिया, जिससे अन्य पुलिसकर्मी भी अंदर पहुंच गए।
इसके बाद बरामदे के पास लगे जालीदार दरवाजे को भी कटर से काटकर खोला गया और पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। वहीं घर के अंदर एक कमरे में बंद महिला शालिनी शर्मा को सुरक्षित बाहर निकालकर पड़ोसियों के सुपुर्द किया गया।
पीड़िता शालिनी शर्मा ने बताया कि उनके पति की वर्ष 2011 में मृत्यु हो चुकी है और उनका बेटा नमन शर्मा पिछले करीब 20 वर्षों से नशे का आदी है। वह अक्सर उनसे पैसे मांगकर मारपीट और झगड़ा करता रहता है। घटना वाले दिन भी उसने नशे के लिए पैसे मांगे और मना करने पर उन्हें कमरे में बंद कर गैस सिलेंडर से जलाने की कोशिश की। किसी तरह मौका पाकर उन्होंने खुद को दूसरे कमरे में बंद कर लिया और पड़ोसी को फोन कर पुलिस बुलाने की सूचना दी।
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बताया कि
यदि पुलिस समय पर पहुंचकर मुमटी के रास्ते घर में दाखिल नहीं होती तो आरोपी घर में आग लगा सकता था और महिला की जान जा सकती थी।
पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने चौकी प्रभारी जगजीतपुर उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक की बहादुरी, सूझबूझ और साहस की जमकर सराहना की है। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना घर के अंदर प्रवेश कर हमलावर को काबू किया और एक बड़ी अनहोनी होने से बचा लिया।
प्रभारी निरीक्षक कनखल देवेंद्र सिंह रावत ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर को भेजी रिपोर्ट में उपनिरीक्षक सुधांशु कौशिक को उनके उत्कृष्ट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रीय पर्व 2026 के अवसर पर उत्कृष्ट सेवा सम्मान या सराहनीय सेवा सम्मान से सम्मानित किए जाने की संस्तुति की है।