हरिद्वार
जनपद के पथरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक्कड़कलां गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब मोरों को पकड़ने से रोकने पर नशे में धुत युवकों ने डेरे के छात्रों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल डेरे, एक्कड़कलां में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र गोबिंद सिंह प्रिंस और अन्य छात्र बाबा जी के साथ डेरे की सेवा भी करते हैं। डेरे से सटे बड़े बाग में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोर रहते हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर छात्र सजग रहते हैं। आरोप है कि गांव के कुछ युवक लंबे समय से मोरों को पकड़ने के उद्देश्य से बाग में आते रहे हैं, जिसको लेकर पूर्व में भी विवाद हो चुका है।
बताया गया कि घटना के दिन छात्र नियमित रूप से बाग का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इसी दौरान काला पुत्र सकील निवासी एक्कड़कलां अपने साथियों के साथ नशे की हालत में वहां मौजूद था और मोरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए हुए था। छात्रों द्वारा इसका विरोध करने पर आरोपी भड़क उठे और गाली-गलौज करते हुए छात्रों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में दो छात्र घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। आरोपियों ने जाते-जाते छात्रों को जान से मारने की धमकी दी और डेरा छोड़कर भाग जाने की चेतावनी भी दी। छात्रों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिन्हें देख आरोपी अपने पिंजरे मौके पर छोड़कर फरार हो गए।
पीड़ित छात्रों ने बताया कि अन्य आरोपी भी एक्कड़कलां गांव के ही निवासी हैं, जिन्हें सामने आने पर पहचान लिया जाएगा। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
थानाध्यक्ष पथरी रविंद्र कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
मोर पकड़ने से रोकने पर लाठी-डंडों से पीटा, दो घायल




