न्यूज 127, नई दिल्ली।
हरिद्वार के सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव जिस प्रकार सदन में खारिज हुआ, वह न केवल एक व्यक्ति, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों, नियमों और संस्थागत गरिमा की निर्णायक विजय है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का पत्र यह स्पष्ट करता है कि उनका भारत के संसदीय लोकतंत्र, उसकी परंपराओं और प्रक्रियाओं में अटूट विश्वास है। उनके विचार लोकसेवा के उच्चतम नैतिक मूल्यों और संसद की मूल भावना-संवाद, तर्क और विचार-विमर्श को सशक्त करते हैं।
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का पद दलगत सीमाओं से परे लोकतांत्रिक संतुलन और मर्यादा का प्रतीक है। ऐसे में इस पद के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण प्रयासों का सदन द्वारा खारिज किया जाना भारत के परिपक्व और सजग लोकतंत्र का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि संसद को अवरोध का नहीं, बल्कि सकारात्मक विमर्श और राष्ट्रनिर्माण का मंच बनना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति का स्थान है, लेकिन असम्मान का नहीं।
त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ओम बिरला जी के संतुलित, निष्पक्ष एवं दृढ़ नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनके नेतृत्व में संसद की गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी।




