धामी सरकार का आदेश, लीडरशिप प्रमेंद्र डोबाल की और एक्शन हरिद्वार पुलिस का
न्यूज127
साधु-संतों की पावन धरती हरिद्वार में ढोंगी बाबाओं की पोल खोलने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन कालनेमी’ शुरू कर दिया है। उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान की कमान संभाली है एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने। देहात और शहरी क्षेत्र में दो अलग-अलग टीमें गठित कर नकली साधुओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।
दो टीमें, एक मिशन: नकली संतों का पर्दाफाश
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में गठित नगर और देहात की टीमों में सीओ से लेकर सिपाही तक शामिल किए गए हैं। ये टीमें सीधे कप्तान को रिपोर्ट कर रही हैं। अभियान के तहत अभी तक कुल 45 ढोंगी बाबाओं को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिन पर धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं।
थाना कलियर – 6 गिरफ्तार
कलियर क्षेत्र से पकड़े गए 6 आरोपियों में बिहार, यूपी और पश्चिम बंगाल के निवासी शामिल हैं। ये सभी वेश बदलकर खुद को साधु बताकर धर्मभीरु जनता को गुमराह कर रहे थे।
कोतवाली नगर – 13 गिरफ्तार
नगर क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक ही दिन में 13 फर्जी साधुओं को पकड़ा। इनमें यूपी, एमपी, महाराष्ट्र और उत्तराखंड के लोग शामिल हैं। 76 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर 26 वर्षीय युवा तक इस गिरोह का हिस्सा थे।
थाना श्यामपुर – 18 गिरफ्तार
श्यामपुर थाने की टीम ने चंडीघाट क्षेत्र में व्यापक छापेमारी कर पुरी नगर और आसपास से 18 ढोंगी साधुओं को गिरफ्तार किया। अधिकतर आरोपी एक ही गिरोह से जुड़े लगते हैं, जो धार्मिक रूप से संवेदनशील स्थानों पर लंबे समय से सक्रिय थे।
थाना कनखल – 8 गिरफ्तार
कनखल पुलिस ने भी चुपचाप लेकिन सटीक कार्रवाई की। 60 से 76 वर्ष के उम्रदराज साधु वेशधारी पकड़े गए हैं, जो उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए थे।
क्या है ऑपरेशन कालनेमी ?
कालनेमी पौराणिक कथाओं का वह राक्षस था, जो साधु का वेश धारण कर छल करता था। उसी प्रतीक को केंद्र में रखकर इस अभियान की शुरुआत की गई है ताकि वास्तविक संतों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले नकाबपोशों को उजागर किया जा सके।
एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल का बयान
“हरिद्वार साधु-संतों की नगरी है। यहां नकली बाबाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन कालनेमी के तहत हर ऐसे व्यक्ति पर कार्रवाई होगी जो साधु के नाम पर लोगों को धोखा दे रहा है।”
क्या होगी सजा ?
गिरफ्तार सभी व्यक्तियों पर धोखाधड़ी, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। आगे जांच के बाद इन मामलों को संगठित गिरोह के रूप में भी जोड़ा जा सकता है।











