news127. हरिद्वार
कनखल स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, जगजीतपुर के प्रांगण में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस असीम गौरव, अनुशासित उल्लास और अटूट राष्ट्रभक्ति के साथ मनाया गया। 26 जनवरी 2026 की यह पावन सुबह न केवल संविधान के प्रति सम्मान प्रकट करने का अवसर बनी, बल्कि विद्यालय के संकल्पों को नई ऊर्जा देने वाला एक प्रेरणापुंज भी सिद्ध हुई।

तिरंगे की आभा में सराबोर विद्यालय परिसर
समारोह का शुभारंभ प्रातःकाल की उन स्वर्ण किरणों के साथ हुआ, जब पूरा विद्यालय परिसर तिरंगे की छटा, पुष्पों की सुवास और देशभक्ति के गीतों से जीवंत हो उठा। प्रत्येक छात्र के चेहरे पर गौरव की मुस्कान और आँखों में देश के प्रति समर्पण का भाव स्पष्ट झलक रहा था। विद्यालय की साज-सज्जा राष्ट्रप्रेम के प्रति विद्यालय की निष्ठा को बखूबी दर्शा रही थी।

ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान की ओजस्वी गूँज
प्रातः 08ः45 बजे विद्यालय के यशस्वी प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार कपिल द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जैसे ही तिरंगा आसमान की ऊंचाइयों को छूने लगा, सामूहिक राष्ट्रगान की गूँज ने पूरे वातावरण को राष्ट्रप्रेम की ऊर्जा से सराबोर कर दिया। उस क्षण पूरा जनसमूह राष्ट्रभक्ति के मौन और मुखर सम्मान में एकाकार हो गया।

प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र का अर्थ केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि अधिकारों के साथ कर्तव्यों का बोध भी है। हमारे संविधान ने हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया है, परंतु साथ ही यह अपेक्षा भी की है कि हम देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें। हमें स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए, पर्यावरण की रक्षा करनी चाहिए और आपस में प्रेम और सम्मान बनाए रखना चाहिए। एक अच्छा और जिम्मेदार नागरिक बनना भी देश सेवा का ही एक रूप है।

डीएवी परंपरा हमें वैदिक मूल्यों को सिखाते हुए ‘कृण्वन्तो विश्वमार्यम्’ का संदेश देती है। ‘कृण्वन्तो विश्वमार्यम्’ केवल एक वाक्य नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है, जो हमें चरित्र निर्माण, राष्ट्रसेवा और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है। डीएवी विद्यालयों का उद्देश्य केवल योग्य विद्यार्थी नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त, राष्ट्रभक्त और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।

इस अवसर पर मैं हमारे शिक्षकगण को उनके निष्ठापूर्ण मार्गदर्शन के लिए तथा विद्यार्थियों को उनकी उपब्धियों के लिए बधाई देता हूँ। अभिभावकों का भी आभार, जिनके सहयोग से विद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
उन्होंने उपस्थित जनों को संकल्प दिलाया कि, हम संविधान के मूल्यों का सम्मान करेंगे, देश की एकता और अखंडता बनाए रखेंगे और एक जिम्मेदार, जागरूक एवं कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनेंगे।
सांस्कृतिक चेतना का मनोहारी संगम

विद्यालय के नन्हे कलाकारों ने अपनी विलक्षण प्रतिभा से समारोह में समां बांध दिया-
देशभक्ति के तरानों और कक्षा तृतीय के छात्र की कविता ने श्रोताओं के हृदय को स्पर्श किया। हेड बॉय अभिनव गुसाईं ने अपने ओजस्वी वाणी एवं प्रभावशाली भाषण के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रसेवा की ज्वाला प्रज्वलित की। उन्होनें कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर जाकर लड़ने में ही नहीं अपितु अपने काम को निष्ठा से करना और देश के विकास में अपना संपूर्ण योगदान देना भी देशभक्ति ही है। आज आवश्यकता है प्रत्येक युवा को यह जानने की, कि वह क्या कर सकता है। जिस युवा को अध्यात्म में रुचि हो वह धर्म का प्रचार करे, शास्त्रों से परिपक्व युवा भारतीय संस्कृति को विश्व तक पहुँचाए। रचनाएं ऐसी रची जाएं कि साहित्य का नोबेल भारत को मिले, शिष्टाचार ऐसे अपनाएं कि जापान से पहले भारत का नाम हो। नृत्य-नाटिका “एक राष्ट्र, अनेक आवाजें” ने अनेकता में एकता के भारतीय दर्शन को मंच पर जीवंत कर दिया।

प्रतिभा का अभिनंदन-डीएवी नेशनल के सितारे
समारोह का मुख्य आकर्षण सम्मान समारोह रहा, जहाँ विद्यालय के उन रत्नों को सम्मानित किया गया जिन्होंने डीएवी नेशनल स्पोर्ट्स की विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी मेधा का परचम लहराया है।
प्रधानाचार्य महोदय ने उन्हें विद्यालय का ब्रांड एम्बेसडर बताते हुए मेडल और प्रशस्ति-पत्र भेंट किए।

डीएवी नेशनल 2025 के अंतर्गत दिनांक 6, 7 एवं 8 जनवरी 2026 को भारत के विभिन्न राज्यों में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में डीएवी हरिद्वार के होनहार खिलाड़ियों ने जिस प्रकार अपनी प्रतिभा, अनुशासन और अदम्य साहस का परिचय दिया, वह न केवल विद्यालय बल्कि सम्पूर्ण डीएवी परिवार के लिए गौरव का विषय बन गया है। खेलों के माध्यम से चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाली इन प्रतियोगिताओं में डीएवी हरिद्वार के विद्यार्थियों ने अनेक स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक जीतकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की।

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में आयोजित अंडर-14 आर्चरी प्रतियोगिता में डीएवी हरिद्वार के खिलाड़ियों में यथार्थ किमोठी एवं कबीर वर्मा ने अपनी तीव्र गति, सटीक तकनीक और आत्मविश्वास से भरपूर खेल का प्रदर्शन करते हुए संयुक्त रूप से स्वर्ण एवं रजत पदक प्राप्त कर विद्यालय का नाम रोशन किया। श्लोक सक्सेना ने रजत पदक जीतकर अपनी सटीक निशानेबाजी का परिचय दिया। इसके अतिरिक्त आर्चरी टीम ने भी सामूहिक तालमेल और उत्कृष्ट समन्वय के बल पर रजत पदक अर्जित किया।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित अंडर-14 राइफल शूटिंग प्रतियोगिता में भी डीएवी हरिद्वार के खिलाड़ियों ने अपनी सटीकता और मानसिक दृढ़ता का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में ध्रुव कुमार , भार्गव खाली एवं नचिकेता आर्य ने अत्यंत कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच कांस्य पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बास्केटबॉल प्रतियोगिता में डीएवी हरिद्वार की टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। इस टीम में सुमित गुप्ता, राघव पाराशर, अनन्या गुप्ता, यथार्थ चैधरी एवं यतीश कुमार त्रिपाठी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने सामूहिक रणनीति, तेज गति और उत्कृष्ट तालमेल के साथ मुकाबले खेले। कठिन मुकाबलों के बावजूद टीम का मनोबल ऊँचा रहा और अंततः कांस्य पदक जीतकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया। अंडर-17 बास्केटबॉल टीम का रजत पदक के साथ दमदार प्रदर्शन किया। इस टीम में सक्षम शर्मा, शिवाय वर्मा, अजय नेगी, अक्षत चैधरी, मृत्युंजय, अध्ययन गंभीर, विस्मित सिंह सहित अन्य छात्रों ने अत्यंत जोशीले और संगठित खेल का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले तक पहुँचते हुए टीम ने अनेक सशक्त विरोधियों को पराजित किया और अंततः रजत पदक प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। अंडर 19 हैंडबॉल में कांस्य पदक , अंडर 19 क्रिकेट में रजत पदक अर्जित किया।
नोएडा में आयोजित खेल प्रतियोगिता में बालिकाओं ने भी डीएवी नेशनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए डीएवी हरिद्वार का नाम रोशन करते हुए खेल प्रतियोगिताओं में अंडर 14 बास्केटबॉल में रजत पदक, अंडर 17 शूटिंग में रजत पदक, अंडर 19 शूटिंग में स्वर्ण पदक तथा अंडर 19 शूटिंग में आराध्या चौधरी ने रजत पदक प्राप्त किया।
बालक व बालिका वर्ग ने संयुक्त रूप से 6 स्वर्ण पदक, 42 रजत पदक व 26 कांस्य पदक जीते। कुल मिलाकर 72 पदक, एक विजेता ट्रॉफी, 6 उपविजेता ट्रॉफी व 3 तृतीय स्थान की ट्रॉफी अर्जित की।
इन सभी उपलब्धियों के पीछे विद्यालय के प्रधानाचार्य, खेल प्रशिक्षकों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानाचार्य महोदय ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “खेल विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। डीएवी हरिद्वार के छात्रों ने यह सिद्ध कर दिया है कि अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।”
खेल प्रशिक्षकों ने भी विद्यार्थियों की मेहनत, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए इसे टीमवर्क और निरंतर प्रशिक्षण का परिणाम बताया।कार्यक्रम में एलायंस क्विज़ के विजेता बच्चों को मंच पर एलायंस क्लब के श्री अविनाश ओहरी, श्री अरूण कुमार दादू एवं उनकी टीम द्वारा मेडल, ट्राॅफी एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाने वाले बच्चे अविरल त्यागी, हर्षित यादव (प्रत्येक 5500/-रूपये), निहारिका बिष्ट, देवांश कटियार (प्रत्येक 4000/-रूपये), अथर्व चैहान, रिशान सूरी, आन्या शर्मा, अंशिका सिंह ( प्रत्येक 1500/-रूपये) रहे। इस तरह के पुरस्कार न केवल पुरस्कृत बच्चों को अपितु अन्य सभी बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
डीएवी संस्थाएँ सदैव शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी समान महत्व देती आई हैं। डीएवी नेशनल 2025 इसी परंपरा का सजीव उदाहरण है, जहाँ विद्यार्थियों को राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त हुआ। डीएवी हरिद्वार के छात्रों की यह सफलता न केवल वर्तमान उपलब्धि है, बल्कि भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की नींव भी रखती है।
इसी अवसर पर विद्यार्थियों की बौद्धिक और शोधपरक सृजनात्मकता का प्रतीक पत्रिका काॅमर्स डाइजेस्ट के 16वें संस्करण का गरिमामय विमोचन किया गया। इस वार्षिक पत्रिका में 20 वाणिज्यिक विषयों पर वर्षभर की जानकारी विद्यार्थियों द्वारा संजोयी गई है।
कुशल प्रबंधन एवं समापन
इस भव्य कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संपादन विद्यालय के कृष्णा हाउस और नर्मदा हाउस के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती रश्मि बलूनी ने उपस्थित सभी अतिथियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त करते हुए औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। मिष्ठान वितरण के साथ इस गरिमामय समारोह का समापन हुआ। डीएवी जगजीतपुर, हरिद्वार का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं था, बल्कि एक अनुशासित राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा और संस्कारों की अटूट भूमिका का सजीव प्रतिबिंब था।







