हरिद्वार
हरिद्वार जनपद के टांडा मजादा गांव के होनहार युवक आयुष नायक ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।
आयुष नायक का जन्म एक शिक्षित और सेवा भाव से जुड़े परिवार में हुआ। उनके पिता प्रवीण राठौर वर्तमान में कानूनगो के पद पर तैनात हैं, जबकि उनके दादा स्वर्गीय बाबूराम राठौर नेहरू इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। परिवार से मिले संस्कारों और अनुशासन ने आयुष के व्यक्तित्व को प्रारंभ से ही मजबूत आधार दिया।
आयुष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बीएचईएल, रानीपुर (हरिद्वार) से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा हासिल की। बचपन से ही देशसेवा का जज्बा रखने वाले आयुष का सपना था कि वे सशस्त्र बलों में जाकर राष्ट्र की रक्षा करें। इस लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को अपना मंत्र बनाया।
भारतीय वायु सेना में चयन के लिए आयुष नायक ने AFCAT, NDA, NCC और CDS जैसी कठिन परीक्षाओं के माध्यम से आवेदन किया और अंततः एयरफोर्स अकादमी, हैदराबाद से प्रशिक्षण प्राप्त कर फ्लाइंग ऑफिसर बने।
उनकी इस उपलब्धि पर गांव, समाज और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। लोगों ने आयुष को बधाइयां देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आयुष नायक की सफलता आज के युवाओं के लिए एक सशक्त प्रेरणा है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।







