न्यूज127, देहरादून।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वीर बाल दिवस केवल स्मरण का नहीं, बल्कि साहिबजादों के अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने का पावन अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की तरह विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार न मानें, अपने लक्ष्य और कर्मपथ पर अडिग रहकर निरंतर परिश्रम करें तथा देशहित को सदैव स्वहित से ऊपर रखें।

यह विचार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 26 दिसम्बर 2025 को डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कॉलोनी, देहरादून में आयोजित वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) के भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए। उनकी गरिमामयी उपस्थिति से पूरा विद्यालय परिसर गौरव और उत्साह से भर उठा। विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें पौधा, उपहार एवं अंगवस्त्र (शॉल) भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी समाधिया एवं मुख्य अतिथि द्वारा दीप-प्रज्वलन के साथ हुआ।

समारोह में विद्यार्थियों ने वेद मंत्रों की गूंज और शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं से सजी पंचतत्व एवं यज्ञ की महिमा दर्शाती मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी। बच्चों की तालबद्ध गतियों, उत्साह और सृजनात्मकता ने समूचे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।

इस अवसर पर विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा आयोजित नृत्य प्रतियोगिताओं—गंग धारा प्री-वेडिंग काउंसलिंग, स्नेह गंदोत्रा मेमोरियल (जसवंत मॉडर्न स्कूल) तथा इंडो-जर्मन लोक नृत्य प्रतियोगिता (विवेकानंद पब्लिक स्कूल)—में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या श्रीमती शालिनी समाधिया ने प्रेरक उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया तथा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, विशिष्ट गणमान्य नागरिक और समस्त शिक्षक, शिक्षिकाएं उपस्थित रही।

इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चारों साहिबज़ादों के अतुलनीय साहस, अडिग आस्था और अमर बलिदान को नमन किया। देवभूमि विकास संस्थान के संरक्षक के रूप में बच्चों को सम्मानित किया गया, जो आने वाली पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति, संस्कार और कर्तव्यबोध के बीज बोने की एक प्रेरक पहल है।








