डीएवी स्कूल में ज्ञान–विज्ञान–संस्कृति का संगम: कक्षा 3 से 7 की शैक्षिक प्रदर्शनी का आयोजन








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न्यूज127, हरिद्वार।
डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, हरिद्वार में 26 दिसंबर 2025 को कक्षा 3 से 7 के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित शैक्षिक प्रदर्शनी ने ज्ञान, नवाचार और सृजनात्मकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। यह भव्य आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल के कुशल निर्देशन में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जबकि प्रदर्शनी का समन्वय विद्यालय की शिक्षिका सुश्री वैशाली अरोड़ा द्वारा अनुकरणीय रूप से किया गया।


प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत तथा कला एवं शिल्प जैसे विविध विषयों पर आकर्षक, नवाचारी और ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए, जो उनकी विषयगत समझ और रचनात्मक सोच को दर्शाते थे।


अंग्रेज़ी विभाग के अंतर्गत विद्यार्थियों ने स्टोरी मॉडल्स के माध्यम से भाषा कौशल, कल्पनाशीलता और नैतिक मूल्यों की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कंप्यूटर साइंस में सेंसर आधारित प्रोजेक्ट्स ने आधुनिक तकनीक, ऑटोमेशन और स्मार्ट सिस्टम की अवधारणाओं को सरल एवं रोचक रूप में समझाया।
गणित विभाग द्वारा इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्ट्स के माध्यम से गणितीय सिद्धांतों को व्यावहारिक और मनोरंजक तरीके से प्रस्तुत किया गया।


सामाजिक विज्ञान में विद्यार्थियों ने भारत की ऐतिहासिक एवं भौगोलिक विरासत को जीवंत करते हुए लाल किला, सांची स्तूप और हवा महल के आकर्षक मॉडल बनाए। साथ ही भारत के मानचित्र के माध्यम से देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया गया।


हिंदी एवं संस्कृत विभाग की प्रस्तुतियाँ भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित रहीं। विद्यार्थियों द्वारा केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम तथा राम मंदिर के सजीव और भव्य मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल ने विद्यार्थियों की सृजनात्मकता, आत्मविश्वास और प्रस्तुति कौशल की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन को अत्यंत सराहनीय बताया।


इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावकगण एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों की मेहनत, नवाचार और विषयगत समझ
की मुक्त कंठ से सराहना की। अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह शैक्षिक प्रदर्शनी विद्यार्थियों के शैक्षणिक, तकनीकी, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास की दिशा में एक प्रेरणादायी और सराहनीय पहल के रूप में यादगार रही।