न्यूज 127, ऋषिकेश।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में वन विभाग की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग, पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीम पर विरोध कर रहे उपद्रवियों द्वारा पथराव किए जाने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। आक्रोशित भीड़ ने न केवल राजमार्ग को जाम किया, बल्कि रेलवे ट्रैक पर बैठकर रेल यातायात भी बाधित कर दिया, जिसके चलते छह यात्री ट्रेनें प्रभावित हुईं और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, न्यायालय के निर्देशों के क्रम में ऋषिकेश क्षेत्र में वन भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। इस दौरान प्रभावित लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस व प्रशासन की टीमों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने रेलवे लाइन पर बैठकर ट्रेनों का संचालन रोक दिया। इससे रेल यातायात पूरी तरह ठप हो गया और आमजन के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए राजमार्ग एवं रेल मार्ग से प्रदर्शनकारियों को हटवाकर यातायात को सुचारू कराया। साथ ही जनपद देहरादून एवं आसपास के जनपदों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर ऋषिकेश के श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया गया, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम हो।
इसी दौरान उपद्रवियों द्वारा पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की टीमों पर पथराव किया गया, जिसमें कई लोगों को चोटें आने की सूचना है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, राजमार्ग व रेलमार्ग अवरुद्ध करने, आमजन और यात्रियों को परेशान करने तथा भीड़ को उकसाकर हिंसा फैलाने के आरोपों में पुलिस द्वारा दोषियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किए जा रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को भी सिरे से खारिज किया है। कुछ लोगों द्वारा पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि किसी प्रकार का लाठीचार्ज नहीं किया गया। पुलिस केवल प्रदर्शनकारियों को रेलवे ट्रैक से हटाकर यातायात बहाल करने का प्रयास कर रही थी, उसी दौरान भीड़ ने उग्र होकर पथराव किया।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह, भ्रामक खबरें और दुष्प्रचार फैलाने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले पर प्रशासन की सतर्क नजर बनी हुई है और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।



