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डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कॉलोनी, देहरादून में 77वाँ गणतंत्र दिवस समारोह देशभक्ति, श्रद्धा, उत्साह एवं राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगी झालरों, गुब्बारों तथा सौभाग्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा की प्रतीक आकर्षक रंगोलियों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा नजर आया।

समारोह का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया द्वारा मुख्य अतिथि सहित ध्वजारोहण के साथ किया गया। जैसे ही तिरंगा शान से फहराया, पूरा विद्यालय प्रांगण भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। राष्ट्रगान की गूंज ने उपस्थित सभी के हृदय में मातृभूमि के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण की भावना को और अधिक प्रबल कर दिया।

इस गरिमामय अवसर पर मुख्य अतिथि कर्नल शशि मोहन गोसाईं के साथ डॉक्टर बी.के. नौटियाल, कर्नल एस.एल. पैन्यूली, कर्नल एस.एम. जोहर एवं जोहर जी की विशिष्ट उपस्थिति रही।
उदित होते सूर्य की स्वर्णिम किरणों की भांति विद्यार्थियों में जोश और चेतना भरते हुए साउद ज़ैदी के नेतृत्व में प्रस्तुत सशक्त मार्च पास्ट ने समूचे वातावरण को अनुशासन, ऊर्जा और राष्ट्रगौरव से ओत-प्रोत कर दिया। कदम से कदम मिलाकर चलते विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि देश का भविष्य सजग, सशक्त और कर्तव्यनिष्ठ हाथों में सुरक्षित है।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में संगीत अध्यापक वैभव आर्या एवं अमित धीमान के निर्देशन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने विविधता में एकता के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। वहीं सांस्कृतिक विरासत और समर्पण भाव से सजी नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कक्षा 11 के छात्र ऋषभ रावत ने अपने ओजस्वी भाषण में भारत की उन उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिन्होंने विश्व पटल पर देश को नई पहचान दिलाई है। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों का साहस और बलिदान ही हमारी असली ताकत है, जिनकी बदौलत तिरंगा सदैव गर्व से लहराता है। वहीं डॉ बी.के. नौटियाल ने विद्यार्थियों को अनुशासनपूर्ण जीवन अपनाने का संदेश देते हुए इसे सफलता की कुंजी बताया।

समारोह के समापन पर प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे निष्ठा और परिश्रम से ज्ञान अर्जित कर उसे राष्ट्र निर्माण में लगाएँ। उन्होंने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के ईमानदार निर्वहन की प्रेरणा दी। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रप्रेम, एकता और कर्तव्यबोध का जीवंत उदाहरण बनकर सभी के हृदय में देशभक्ति की अमिट छाप छोड़ गया।












