यूपी पुलिस पर हमला करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, बाप को छुड़ाने के लिए बेटे की दबंगई








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हरिद्वार।
धोखाधड़ी के एक आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की कोशिश में दबंगई दिखाना एक युवक और उसके साथियों को भारी पड़ गया। कोतवाली ज्वालापुर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पुलिस पर हुए जानलेवा हमले के मामले में ज्वालापुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में प्रयुक्त थार और स्कॉर्पियो वाहनों को भी कब्जे में ले लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना 03 फरवरी 2026 की है। थाना छपार, जनपद मुजफ्फरनगर (उ.प्र.) के उप-निरीक्षक अनुराग सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ धोखाधड़ी के मामले में वांछित अभियुक्त संजय पुत्र राजपाल को ज्वालापुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर पुलिस वाहन से ले जा रहे थे। इसी दौरान भूमानंद अस्पताल के पास अभियुक्त के पुत्र ईशान्त ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने पिता को छुड़ाने का प्रयास किया। आरोप है कि ईशान्त और उसके साथियों ने अपनी स्कॉर्पियो और थार गाड़ियों से पुलिस वाहन को टक्कर मारकर जानलेवा हमला किया और सरकारी कार्य में गंभीर रूप से बाधा डाली।
इस हमले में पुलिस टीम के कई सदस्य घायल हो गए,
वहीं सरकारी वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली ज्वालापुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मुस्तैदी दिखाते हुए तीन आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया है।
इस संबंध में उप-निरीक्षक अनुराग सिंह की लिखित तहरीर के आधार पर कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा अपराध संख्या 93/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 121(1), 132, 191(2), 324(4), 351(2), 352 व 61(2) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में ईशान्त पुत्र संजय, शिवम मलिक पुत्र अनुज मलिक और अमन पुत्र गजेंद्र शामिल हैं, जो सभी सुभाष नगर, कोतवाली ज्वालापुर, जनपद हरिद्वार के निवासी हैं। पुलिस टीम में वरिष्ठ उप-निरीक्षक खेमेन्द्र गंगवार, उप-निरीक्षक रविंद्र जोशी, कांस्टेबल मनोज डोभाल, भागचंद और ताजवर चौहान शामिल रहे।