सांसद त्रिवेंद्र रावत ने बजट 2026-27 की गिनाई ​खूबियां, भारत के भविष्य का रोडमैप








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हरिद्वार
हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को देश को तेज आर्थिक विकास, क्षमता निर्माण और सबका साथ–सबका विकास की दिशा में आगे बढ़ाने वाला संतुलित, दूरदर्शी और भविष्यपरक बजट बताया है।
प्रेस क्लब हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह बजट तीन प्रमुख कर्तव्यों—तेज आर्थिक विकास, मानव क्षमता निर्माण और समावेशी विकास पर आधारित है। बजट में विनिर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कर सुधार और निर्यात जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को नई गति देने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं।
उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से देश का आर्थिक ढांचा मजबूत होगा और राजकोषीय अनुशासन स्थापित होगा। वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य, पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी और ऋण-से-जीडीपी अनुपात में कमी, सरकार की आर्थिक प्रबंधन क्षमता को दर्शाती है।
विनिर्माण और ‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी नई रफ्तार
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बायोफार्मा शक्ति योजना, सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक्स कलपुर्जा योजना, केमिकल पार्क और दुर्लभ खनिज गलियारों के माध्यम से मेक इन इंडिया को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी। इससे रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।
टेक्सटाइल, खादी और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फाइबर नीति, मेगा टेक्सटाइल पार्क और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल से खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और बुनकरों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
एमएसएमई, स्टार्टअप और छोटे उद्यमों पर विशेष फोकस
बजट में एमएसएमई सेक्टर को ‘चैंपियन’ बनाने के लिए एसएमई ग्रोथ फंड और आत्मनिर्भर भारत फंड को सशक्त किया गया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रोफेशनल कैडर विकसित करने की योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड रेल
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी सहित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्ग, सी-प्लेन सेवा और तटीय कार्गो योजनाएं देश की लॉजिस्टिक्स क्षमता को सशक्त करेंगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को नई मजबूती
बजट में स्वास्थ्य सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य, आयुष संस्थानों, कौशल विकास, खेल और पर्यटन के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल
उन्होंने कहा कि उच्च मूल्य कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, नारियल संवर्धन योजना और पूर्वोत्तर के लिए विशेष कृषि प्रोत्साहन से किसानों की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कर सुधार और करदाताओं को राहत
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया आयकर अधिनियम कर प्रणाली को सरल बनाएगा। टीडीएस-टीसीएस में सरलीकरण, संशोधित रिटर्न की समयसीमा में बढ़ोतरी और छोटे करदाताओं को राहत मिलने से ईज ऑफ लिविंग बेहतर होगी और कर विवादों में कमी आएगी।

उत्तराखंड को विशेष लाभ
सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बजट में उत्तराखंड राज्य के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर 41 प्रतिशत। रेल बजट में उत्तराखंड के लिए 4800 करोड़ रुपये। सांस्कृतिक एवं एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा। 10 हजार ग्रामीण टूरिस्ट गाइड तैयार करने की योजना। क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए विशेष प्रावधान
किया गया है।
नरेगा को लेकर पूछे गए सवाल पर सांसद ने स्पष्ट किया कि योजना को समाप्त नहीं किया गया है, केवल नाम और कुछ प्रावधान बदले गए हैं। अब ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा और 33 प्रतिशत महिलाओं को रोजगार देना अनिवार्य किया गया है।
यूजीसी कानून पर उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। वहीं, संसद में विपक्ष के रवैये पर उन्होंने कहा कि संसद नियमों से चलती है, जिद से नहीं। मर्यादित विरोध लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखता है।
प्रेस वार्ता में नगर विधायक मदन कौशिक, रानीपुर विधायक आदेश चौहान, मेयर किरण जैसल, भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, विकास तिवारी, लव शर्मा, धर्मेंद्र चौहान, हीरा सिंह, विनोद कुमार बिष्ट सहित अनेक भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।