नवीन चौहान.
उत्तराखंड में बिजली की कमी को पूरा करने क लिए प्रदेश सरकार ने ओडिसा में बिजली पैछा करने की योजना तैयार की है। ओडिसा में कोयले से बिजली उत्पादन किया जाएगा जिससे प्रदेश की बिजली की डिमांड को पूरा करने में मदद मिलेगी।
इसके लिए प्रदेश में जल्द ही टीएचडीसी-यूजेवीएनएल का संयुक्त उपक्रम बनने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट बनने से अगले चार से पांच साल में प्रदेश में बिजली किल्लत पर काबू पाया जा सकेगा। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक जल विद्युत परियोजनाओं से होने वाला बिजली उत्पादन सीजन के हिसाब से प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि मानसून आने पर बिजली का उत्पादन बढ़ जाता है लेकिन नदियो में गाद बढ़ जाने पर उत्पादन फिर प्रभावित हो जाता है। सौर ऊर्जा परियोजनाओं से होने वाला उत्पादन भी केवल दिनभर का होता है। सर्दियों में नदियों में पानी कम होने की वजह से उत्पादन कम होता है। इसीलिए थर्मल पावर प्लांट लगाने पर विचार किया जा रहा है।
ओडिशा में टीएचडीसी के पास पहले से ही कोयले की खदान है। इसके पास ही संयंत्र स्थापित किया जाएगा। सचिव ऊर्जा ने बताया कि टीएचडीसी पहले से ही अपना संयंत्र बनाने की तैयारी में था जो कि अब उत्तराखंड के साथ संयुक्त तौर पर बनेगा। अगले चार से पांच साल में ये बन जाएगा तो राज्य में बिजली किल्लत काफी काबू में आ जाएगी।
- मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के निर्देशों पर भूमि विवादों को एक माह में सुलझायेगी पुलिस
- उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय में नए कुलपति प्रो. रमाकान्त पाण्डेय
- कड़ाके की ठंड के चलते 15 जनवरी को स्कूलों में अवकाश
- प्रेम हॉस्पिटल की अनूठी पहल, निशुल्क जांच के साथ गरीब मरीजों के लिए मुफ्त सर्जरी का संकल्प
- तप, त्याग और सनातन संस्कृति के संवाहक थे ब्रह्मलीन स्वामी चेतनानंद गिरि महाराज : श्रीमहंत रविन्द्र पुरी



