नवीन चौहान.
धर्मनगरी हरिद्वार में भी रामलला की अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समाप्त होने पर उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में जगह जगह भंडारों का आयोजन कर प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। शांतिपुरम कालोनी में खीर का प्रसाद वितरण किया गया। शहर के हर छोटे बड़े मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। कई स्थानों पर रामचरित मानस का पाठ किया गया तो कहीं पर हनुमाल चालीसा का पाठ किया गया। धर्मनगरी पूरी तरह राममयी नजर आ रही है। लोग एक दूसरे से जय श्रीराम के संबोधन के साथ ही वार्ता कर रहे हैं।
रामलला के दर्शनों का सदियों का इंतजार अब समाप्त हो गया। जैसे ही भक्तों ने रामलला की पहली छवि देखी तो लोग भावुक हो गए। उनकी आंखों से खुशी से आंसू छलक गए। लोग अपनी खुशी को रोक नहीं पा रहे हैं। रामलला के मुकुट में नौ रत्न सुशोभित हैं और गले में सुंदर रत्नों की माला है। भगवान रामलला की कमरबंद भी सोने से बना है। रामलला के आभूषणों में रत्न, मोती, हीरे शामिल हैं।
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हो गई है। 500 वर्षों से अधिक का इंतजार खत्म हो गया है। रामलला राम मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनुष्ठान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर मोहन भागवत और सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रही।







