देहरादून।
स्वास्थ्य, शक्ति और शांति की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत करते हुए डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कॉलोनी, देहरादून में वार्षिक खेल दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, ऊर्जा और गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “परंपराओं की जड़ें और स्वास्थ्य के पंख” रही, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हुए शारीरिक, मानसिक और आत्मिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करना तथा उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना था।

कार्यक्रम को दो पालियों में आयोजित किया गया।
प्रथम पाली में नर्सरी से कक्षा पांच तक तथा द्वितीय पाली में कक्षा छह से ग्यारहवीं तक के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कारगिल ऑपरेशन में सहभागिता निभा चुके कर्नल जे.पी. काला रहे। विशिष्ट अतिथियों में जसवंत मॉडर्न पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मीनाक्षी गंडोत्रा, हिम ज्योति पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या हुमा मल्होत्रा, डॉ. बी.के. नौटियाल तथा कर्नल एस.एल. पैन्युली उपस्थित रहे।

द्वितीय पाली में मुख्य अतिथि विंग कमांडर ओ.पी. चाछरा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में धर्मा इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या स्वाती आनंद, कैलाश हॉस्पिटल के निदेशक पवन शर्मा तथा यू.एस. शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिसने आयोजन को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ डीएवी गान के साथ हुआ, जिसने विद्यालय की विरासत और मूल्यों के प्रति गर्व का भाव जागृत किया। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मान किया गया। सकारात्मक सोच और जागरूकता का संदेश देते हुए विद्यार्थियों द्वारा रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़ा गया।

अनुशासन, सांस्कृतिक विविधता और खेल भावना ने मोहा मन
डीएवी स्कूल में ड्रिल्स, नृत्य और दौड़ों में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास नजर आया। विद्यार्थियों ने वैदिक परंपराओं से प्रेरित पंचतत्व आधारित मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसमें मंत्रोच्चार, लयबद्ध मुद्राएं और योगासन आधारित भाव-भंगिमाओं के माध्यम से भारतीय संस्कृति की दिव्यता का सजीव चित्रण किया गया।

कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने प्रस्तुत अनुशासित मार्च पास्ट ने न केवल वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया, बल्कि उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों के मन में यह विश्वास भी दृढ़ किया कि भावी पीढ़ी सक्षम और जिम्मेदार हाथों में है।

प्रथम पाली में नन्हे विद्यार्थियों द्वारा बालवीर नृत्य, पोम-पोम नृत्य और आर्म्ड फोर्स नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बॉल ड्रिल, राजस्थानी नृत्य और आदिवासी जंगल ड्रिल के माध्यम से बच्चों ने सांस्कृतिक विविधता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर परिचय दिया।
द्वितीय पाली में कक्षा छह की दुपट्टा ड्रिल और कक्षा सात की फैन ड्रिल ने तालमेल, एकाग्रता और शारीरिक-मानसिक संतुलन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के ग्रैंड फिनाले में उत्तराखंड की समृद्ध गढ़वाली संस्कृति को समर्पित शिवभक्ति से ओत-प्रोत नृत्य प्रस्तुति ने आयोजन को भावनात्मक ऊंचाई प्रदान की। अभिभावकों की गूंजती तालियों ने स्पष्ट कर दिया कि यह आयोजन केवल खेल या प्रदर्शन नहीं, बल्कि संस्कृति, आस्था और सामूहिक सहभागिता का उत्सव था।
विभिन्न दौड़ों—हुला हूप रेस, फ्रॉग रेस, रिले रेस, सैक रेस और चेयर रेस—ने कार्यक्रम में रोमांच और सहभागिता को और बढ़ाया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि कर्नल जे.पी. काला ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से सावधान रहने और जीवन में नियमित रूप से खेल अपनाने की प्रेरणा दी। मीनाक्षी गंडोत्रा ने ईमानदारी, सकारात्मक सोच और जीवन के प्रत्येक क्षण का आनंद लेने का संदेश दिया।
विंग कमांडर ओ.पी. चाछरा ने विद्यालय की खेल परंपरा की सराहना करते हुए शिक्षकों और विद्यालय परिवार के समर्पण की प्रशंसा की।

विद्यालय की प्रधानाचार्या शालिनी समाधिया ने प्रस्तुत वार्षिक प्रतिवेदन में शैक्षणिक उपलब्धियों, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, अनुशासन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि परंपरा हमारी शक्ति है और स्वास्थ्य हमारा वास्तविक धन, इसलिए विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, सेवा और स्वास्थ्य को समान महत्व देता है।

प्रधानाचार्य शामिली समाधिया ने कहा कि डीएवी प्रबंधन कार्यसमिति के प्रधान पद्मश्री डॉ. पूनम सूरी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को निरंतर प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि डीएवी संस्थाएं आज विश्व पटल पर अपनी विशिष्ट पहचान और ख्याति अर्जित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि डीएवी स्कूल के डायरेक्टर डॉ. वी. सिंह की दूरदर्शी सोच और प्रभावी मार्गदर्शन के चलते विद्यालय निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। विशेष रूप से विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं में उल्लेखनीय निखार देखने को मिल रहा है और बच्चे विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
वहीं विद्यालय की मैनेजर डॉ. अल्पना शर्मा के कुशल नेतृत्व में विद्यार्थियों का शैक्षणिक, सांस्कृतिक तथा वैदिक मूल्यों के प्रति ज्ञान निरंतर सुदृढ़ हो रहा है। उन्होंने विद्यालय की निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए स्कूल प्रबंधन समिति, सभी अभिभावकों एवं शुभचिंतकों के सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ और अभिभावकों की निरंतर प्रशंसा ने इस आयोजन को पूर्ण सफलता के शिखर तक पहुंचा दिया।









