हरिद्वार।
हरिद्वार–लक्सर मार्ग का चौड़ीकरण लंबे समय से क्षेत्रवासियों की मांग बनी हुई है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम न उठाए जाने से यह सड़क आमजन के लिए मौत का जंजाल बनती जा रही है। अत्यधिक संकरी सड़क और लगातार बढ़ते यातायात के दबाव के चलते यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें अब तक कई दर्जन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हरिद्वार और लक्सर को जोड़ने वाला यह मार्ग औद्योगिक, धार्मिक और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। कुंभ, कांवड़ मेला, चारधाम यात्रा और दैनिक आवागमन के दौरान भारी वाहनों, बसों, ट्रैक्टरों और दोपहिया वाहनों का दबाव इस सड़क पर लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद सड़क की चौड़ाई वर्षों से जस की तस बनी हुई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि सरकार इस गंभीर समस्या पर कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। दुर्घटनाओं के बाद केवल औपचारिक बयान और आश्वासन दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नजर नहीं आती। कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, परंतु फोरलेन सड़क की मांग अब तक फाइलों में ही दबी हुई है।
स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का चौड़ीकरण नहीं किया गया तो भविष्य में हालात और भयावह हो सकते हैं। जनता ने सरकार से मांग की है कि हरिद्वार–लक्सर रोड को शीघ्र फोरलेन किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगे और लोगों की जान बचाई जा
हरिद्वार–लक्सर रोड चौड़ीकरण का इंतजार, संकरी सड़क बन रही मौत का जंजाल



