योगेश शर्मा.
ग्राम लिब्बरहेडी के तालाब में कई दिनों से दिखायी दे रहा मगरमच्छ अखिर पकड़ लिया गया। यह मगरमच्छ तालाब में पाली गई मछलियों को अपना भोजन बनाकर रोजाना मत्स्य पालन करने वाले किसान को नुकसान पहुंचा रहा था।
योगेश कुमार निवासी लिबरहेडी ने तालाब में गंगानहर से एक मगरमच्छ आने की जानकारी दी थी। तालाब में योगेश मछली पालन करता है। मगरमच्छ मछलियों को अपना शिकार बना रहा था। योगेश ने नेपाल सिंह कश्यप अध्यक्ष जिला सहकारी मत्स्य विकास एवं विपणन फेडरेशन हरिद्वार को बताया। जिसमें नेपाल सिंह पीड़ित योगेश को साथ लेकर वन विभाग के रुड़की कार्यालय पहुंचे और पूरी जानकारी दी।
सूचना दर्ज होने के बाद योगेश् लगातार तालाब पर निगरानी करने लगा वन विभाग की टीम भी समय-समय पर आई लेकिन मगरमच्छ हाथ नहीं लग पाया। उधर थीथकी गांव के मुकेश कुमार मछली पकड़ने के एक्सपर्ट माने जाते हैं। नेपाल सिंह ने उनको अपने कार्यालय पर बुलाकर मगरमच्छ की जानकारी दी। मुकेश कुमार ने एक रस्सी का फंदा बनाकर आज मगरमच्छ के आने जाने वाले रास्ते पर रस्सी का फंदा लगा दिया मगरमच्छ के आने पर आज वह फंदे में फंस गया।
फॉरेस्ट की टीम मगरमच्छ को साथ इसको मंगलौर नहर किनारा चित्तल पार्क पर ले आए इसकी सूचना् मिलते ही मगरमच्छ के पकड़ने पर काफी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई इस कारण उसको वन विभाग की चौकी मंगलौर नहर किनारे लाया गया। वन विभाग के दरोगा शर्मा ने उसको भोगपुर साइड की ओर गंगा में छुड़वाने के लिए भेज दिया इस दौरान अजय कुमार शिवम ओमवीर सिंह पतराम आदि दर्जनों व्यक्तियों की भीड़ नजर आई।




