नवीन चौहान.
कमिश्नरेट के लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) में तैनात हैड कांस्टेबल का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें महिला हैड कांस्टेबल अभिलाषा सिंह ने एसीपी एलआईयू अवधेश चौधरी व इंस्पेक्टर जावेद अख्तर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
डिजिटल मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार पूरे मामले की पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह को मामले की जांच सौंपी है। तालकटोरा निवासी अभिलाषा सिंह ने पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर को पत्र लिखा है। इसमें आरोप लगाया कि एलआईयू के अधिकारी उसे परेशान कर रहे हैं। इसकी शिकायत लेकर दो बार कमिश्नर कार्यालय में भी गई, पर उसे पेश नहीं किया गया।

हैड कांस्टेबल अभिलाषा सिंह का आरोप है कि एलआईयू के एसीपी और कुछ कर्मचारी उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ना दे रहे हैं। विंग में तैनात निरीक्षक जावेद अख्तर पर अक्सर गलत टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि इसकी शिकायत एसीपी से की तो उन्होंने दरवाजे से ही भगा दिया।
अभिलाषा सिंह का यह भी कहना है कि वह फील्ड में तैनात थी, लेकिन एसीपी व निरीक्षक ने साजिश रचकर उसे कार्यालय में अटैच कर दिया। सुबह दस से शाम पांच बजे तक बिना किसी काम के बैठाए रखते हैं। अपने बच्चे की तीमारदारी के लिए एसीपी के पास तीन दिन के अवकाश का आवेदन लेकर गई। लेकिन आवेदन पत्र को एसीपी ने बिना देखे फेंक दिया और वहां से भगा दिया।
अभिलाषा ने मंगलवार शाम को एक वीडियो बनाया, जिसे अपने परिजनों व कुछ परिचितों को भेजा। वीडियो में रोते हुए एलआईयू के अधिकारियों की प्रताड़ना की कहानी बयां की। कहा कि तंग आकर खुदकुशी कर लूंगी। बताया जा रहा है कि मामले की जानकारी बुधवार को पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर को हुई। जिसके बाद उन्होंने एडीसीपी मध्य मनीषा सिंह को जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई करने की बात कही गई है।
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