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हरिद्वार नगर निगम ने शहर में फैले अव्यवस्थित और अवैध रूप से लगे केबल, ब्रॉडबैंड और मोबाइल नेटवर्क तारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सभी सेवा प्रदाताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समयसीमा में तारों को सुव्यवस्थित नहीं किया गया, तो निगम स्वयं कार्यवाही करेगा और उसकी जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों की होगी।
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न डिश/केबल टीवी, मोबाइल नेटवर्क तथा ब्रॉडबैंड सेवा प्रदाता कंपनियों द्वारा निगम की अनुमति के बिना स्ट्रीट लाइट पोलों पर अवैध और अनियोजित ढंग से तार बिछाए गए हैं। इन जर्जर, उलझे और लटकते तारों से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि ये जनसुरक्षा के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं।
नगर निगम द्वारा पहले यह निर्णय लिया गया था कि 25 अगस्त 2025 से अवैध तारों को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। लेकिन इस बीच सभी सेवा प्रदाताओं ने नगर निगम से अनुरोध किया कि उन्हें एक सप्ताह की अतिरिक्त अवधि दी जाए ताकि वे स्वयं अपने-अपने नेटवर्क को सुव्यवस्थित कर सकें और अनावश्यक तारों को हटा दें।
नगर निगम ने इस अनुरोध पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कंपनियों को 1 सितंबर 2025 तक का समय दिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर कंपनियों द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं की जाती है, तो निगम द्वारा 1 सितंबर से स्वतः तार हटाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, और इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कंपनियों पर होगी।
नगर निगम की दो टूक: अब शहर में अराजकता नहीं चलेगी
नगर निगम आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि हमारा उद्देश्य किसी सेवा प्रदाता को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर की स्वच्छता, सुरक्षा और सौंदर्य को बनाए रखना है। स्ट्रीट लाइट पोलों पर अनियंत्रित ढंग से लगाई गई वायरिंग शहर के लिए बड़ा खतरा है। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



