हरिद्वार।
नगर आयुक्त नंदन कुमार के निर्देश पर नगर निगम हरिद्वार की संपत्तियों के किराये का सर्किल रेट के आधार पर पुनर्निर्धारण किया गया है। यह निर्णय नगर निगम की आय बढ़ाने और शहर में सुविधाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। लंबे समय से नगर निगम की कई व्यावसायिक संपत्तियों से बाजार दर की तुलना में बेहद कम किराया वसूला जा रहा था, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि शासनादेश के अनुसार एक समिति का गठन प्रस्तावित है, जो नगर निगम की सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर समयानुसार किराया तय करेगी। इस प्रक्रिया में सर्किल रेट को आधार बनाकर निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से किराया निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की संपत्तियों की दरें समय-समय पर तय की जाती रही हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उनका पुनर्मूल्यांकन आवश्यक हो गया था।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने बताया कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने स्थित सचिन इंटरनेशनल होटल से अब तक मात्र 45 हजार रुपये प्रतिवर्ष की दरों पर किराया लिया जा रहा था। जबकि सर्किल रेट के अनुसार पुनर्निर्धारण के बाद अब इसका किराया लगभग पांच से छह लाख रुपये प्रतिमाह तय किया गया है। इसी तरह अन्य होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के किराये में भी संशोधन किया जा रहा है।
नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा कि किराया बढ़ाने का उद्देश्य किसी पर बोझ डालना नहीं, बल्कि नगर निगम की आय को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार को दिव्यता और भव्यता प्रदान करने, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्वच्छता व विकास कार्यों को गति देने के लिए निगम की आय में वृद्धि बेहद जरूरी है।
हरिद्वार नगर निगम सर्किल रेट से वसूलेगा किराया, आय बढ़ाने की पहल



