हरिद्वार–लक्सर हाईवे पर 31 दिसंबर तक हटेगा अतिक्रमण, नहीं माने तो चलेगी जेसीबी








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न्यूज127
आगामी कुंभ मेला 2027 को लेकर हरिद्वार प्रशासन और नेशनल हाईवे प्राधिकरण पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हरिद्वार–लक्सर मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत नेशनल हाईवे (एनएच) विभाग ने सड़क के बीच से दोनों ओर 55-55 फीट, यानी कुल 110 फीट चौड़ाई में आने वाले सभी अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं।
एनएच अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 31 दिसंबर तक यदि अतिक्रमण स्वयं नहीं हटाया गया, तो प्रशासनिक बल के साथ बलपूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नोटिस मिलते ही मचा हड़कंप
एनएच द्वारा जारी नोटिस के बाद हरिद्वार–लक्सर मार्ग पर स्थित दुकानदारों, व्यवसायियों और मकान मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग की टीम ने पहले सड़क के दोनों किनारों की नापजोख कर सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निजी निर्माणों को चिह्नित किया है, जो निर्धारित दायरे में आ रहे हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि जो लोग स्वेच्छा से निर्धारित सीमा तक अतिक्रमण हटा लेंगे, उनके शेष निर्माण सुरक्षित रहेंगे। लेकिन तय समय के बाद किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
सबसे व्यस्त हिस्सों से शुरू होगी कार्रवाई
एनएच विभाग के अनुसार, पहले चरण में सिंहद्वार से फेरूपुर तक के अत्यधिक व्यस्त मार्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। यह हिस्सा भारी वाहनों, बसों और हजारों निजी वाहनों की आवाजाही के कारण अक्सर जाम और दुर्घटनाओं का केंद्र बना रहता है। अव्यवस्थित अतिक्रमण को यातायात अवरोध और सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

चौड़ी सड़क, सुरक्षित सफर

प्रशासन का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद— यातायात जाम से स्थायी राहत मिलेगी। सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी। एंबुलेंस, दमकल और पुलिस वाहनों की आवाजाही आसान होगी। व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न केवल कुंभ 2027 के लिहाज से बल्कि हरिद्वार के दीर्घकालीन शहरी विकास के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है।
सरकारी भूमि पर भी चला प्रशासन का बुलडोजर

इसी कड़ी में प्रशासन ने ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हरिद्वार तहसील प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर भूमि की पैमाइश की और जेसीबी से अवैध अतिक्रमण हटवा दिया।
प्रशासन का सख्त संदेश
अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि तय समय सीमा के बाद किसी भी दबाव या सिफारिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत और प्रशासनिक निगरानी में की जाएगी।