HARIDWAR में इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना से बदलेगी तस्वीर, जाम से मुक्ति




Listen to this article


सीएम पुष्कर धामी सरकार का ट्रांसपोर्ट ब्लूप्रिंट, ई-बीआरटी व रोपवे
न्यूज127
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार राज्य के प्रमुख धार्मिक, पर्यटन एवं औद्योगिक शहरों को आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। हरिद्वार और देहरादून को केंद्र में रखकर तैयार किया गया नया ट्रांसपोर्ट ब्लूप्रिंट शहरी आवागमन की तस्वीर बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। इसी क्रम में सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूकेएमआरसी) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें हरिद्वार–देहरादून सहित राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में प्रस्तावित ई-बीआरटी, मेट्रो रेल एवं रोपवे परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन हुआ।
बैठक में देहरादून शहर में दो प्रमुख कॉरिडोरों पर ई-बीआरटी (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी गई। यह परियोजना देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के साथ-साथ हरिद्वार से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी तेज, सुगम और पर्यावरण–अनुकूल परिवहन विकल्प उपलब्ध कराएगी। आवश्यक अध्ययन पूर्ण होने के बाद परियोजना को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
हरिद्वार के लिए प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना को भी बैठक में विशेष महत्व दिया गया। हरकी पौड़ी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात जाम की समस्या को देखते हुए इस रोपवे परियोजना को यूकेएमआरसी बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के क्रियान्वयन से हरिद्वार आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को निर्बाध और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी, साथ ही शहर की यातायात व्यवस्था भी सुचारु होगी।
त्रिवेणी घाट से नीलकंठ महादेव मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना में हुई प्रगति पर भी समीक्षा की गई। इस परियोजना को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है और फॉरेस्ट क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी होते ही टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इससे हरिद्वार और ऋषिकेश क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बैठक में नैनीताल, कांची धाम और मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं तथा देहरादून में सेकंड ऑर्डर मास ट्रांजिट सिस्टम की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आवास सचिव ने कहा कि हरिद्वार और देहरादून जैसे शहरों को जोड़ने वाली एकीकृत परिवहन नीति न केवल यातायात जाम और प्रदूषण को कम करेगी, बल्कि राज्य के आर्थिक और पर्यटन विकास को भी नया आयाम देगी।