हरिद्वार के गांवों से थम रहा पलायन, शहर से गांवों की ओर लौट रही आबादी








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जिला पंचायत बोर्ड बैठक में विकास कार्यों की गहन समीक्षा, गांवों को संवारने पर एकजुटता
हरिद्वार।
हरिद्वार जनपद में ग्रामीण विकास के बढ़ते कदम अब साफ नजर आने लगे हैं। कभी गांवों से शहरों की ओर होने वाला पलायन अब थमता दिखाई दे रहा है, वहीं बीते कुछ वर्षों से शहरों में रहने वाले लोग पुनः गांवों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह परिवर्तन केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा स्थानीय स्तर पर तेजी से हो रहे विकास कार्यों का परिणाम माना जा रहा है।


जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत बोर्ड बैठक में जिले के समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में ग्रामीण सौंदर्यीकरण, पथ प्रकाश व्यवस्था, नालियों की सफाई, सड़कों की स्थिति, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर गहन चर्चा हुई। सभी जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को सदन के समक्ष रखा तथा गांवों के समग्र विकास के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी ने बताया कि बोर्ड बैठक में सभी पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि सड़कों, रास्तों और नालियों के निर्माण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि देश के भविष्य बच्चों को बेहतर शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से गांवों में लाइब्रेरी निर्माण पर भी गंभीर चर्चा की गई है।
किरण चौधरी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में पानी सबसे बड़ा मुद्दा होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में जल संरक्षण को लेकर विशेष चर्चा की गई। तालाबों की साफ-सफाई, वर्षा जल संचयन, तालाबों के चारों ओर पौधारोपण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए एससी समाज में पारिवारिक दुर्घटना की स्थिति में दाह संस्कार के बाद चेंजिंग रूम निर्माण जैसे संवेदनशील विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा कि पहले गांवों से शहरों की ओर तेजी से पलायन हो रहा था, लेकिन अब इसमें स्पष्ट कमी आई है। गांवों में सड़क, बिजली, पानी, प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से लोग शहर छोड़कर गांवों में बसने को प्राथमिकता दे रहे हैं। प्रदेश सरकार की “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” की भावना अब धरातल पर साकार होती दिखाई दे रही है।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान ने
भी गांवों के विकास कार्यों की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को बेहतर गुणवत्ता युक्त बनाने, बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर मुख्य अधिकारी संजय खंडूरी, जिला पंचायत सदस्य सोहनवीर, अरविंद राठी, अंशुल, दर्शना सिंह, परमिंदर कौर, बृजमोहन पोखरियाल सहित पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग, जल संस्थान, उरेडा और पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।