सिटी अस्पताल विवाद में नया मोड़, ऑर्थोपेडिक सर्जन पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज




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न्यूज127
हरिद्वार के रानीपुर मोड़ स्थित सिटी अस्पताल से जुड़े विवाद में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। पहले जहां अस्पताल के मुख्य प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज हुआ था, वहीं अब इस पूरे मामले में केस दर्ज कराने वाले ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. सुमंतु विरमानी खुद आरोपों के घेरे में आ गए हैं। अस्पताल के साझेदार की तहरीर पर डॉ. विरमानी, उनकी पत्नी और अन्य सहयोगियों के खिलाफ जबरन कब्जा, धमकी देने और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कोतवाली पुलिस को दी गई शिकायत में सिटी अस्पताल के साझेदार सुभाष चंद मेहता ने बताया कि हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के कर्मचारी श्रीचंद शर्मा का इलाज सिटी अस्पताल में डॉ. सुमंतु विरमानी द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि निजी आर्थिक लाभ के उद्देश्य से डॉ. विरमानी ने पार्टनरशिप डीड की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मरीज को सिटी अस्पताल से हटाकर अपने निजी संस्थान सुश्रुत पॉलिक्लिनिक में भर्ती करा दिया।
शिकायत के अनुसार, छह सितंबर को ऑपरेशन के दौरान मरीज की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में भारी जनाक्रोश फैल गया। हालात को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को ऑर्थोपेडिक विंग अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। पूरे प्रकरण की सूचना तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी दी गई थी।
आरोप है कि मरीज की मौत के कुछ दिन बाद डॉ. सुमंतु
विरमानी अपनी पत्नी, दो अन्य महिलाओं और तीन हथियारबंद व्यक्तियों के साथ सिटी अस्पताल में जबरन घुस आए। इस दौरान उन्होंने कमरा नंबर-10 का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया और अस्पताल कर्मचारियों व साझेदारों को गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि डॉ. विरमानी ने सिटी अस्पताल से मरीजों को अपने निजी क्लिनिक में भेजना शुरू कर दिया और अस्पताल के संसाधनों का दुरुपयोग किया। फर्जी व डुप्लीकेट बिल तैयार किए गए। साथ ही, एक अपंजीकृत फर्म के नाम से इम्प्लांट से संबंधित कूटरचित दस्तावेज तैयार कर भुगतान का दबाव बनाया गया। साझेदारों को हटाए जाने के बावजूद अस्पताल के संचालन में बाधा डालना भी सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा बताया गया है।
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि अस्पताल साझेदार की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।