न्यूज 127, रामपुर/हरिद्वार।
समर्पण, साधना और कच्ची प्रतिभा जब एक साथ मंच पर उतरती है, तो इतिहास रचता है। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर रामपुर से ताल्लुक रखने वाले 21 वर्षीय उभरते गायक अथर्व वर्मा ने यह कर दिखाया है। डीपीएस रानीपुर के छात्र अथर्व ने अत्यधिक प्रतिस्पर्धी मंच इंडिया टैलेंट फाइट सीजन-5 में गायन श्रेणी में शानदार प्रदर्शन करते हुए समग्र विजेता का खिताब अपने नाम किया है। यह उपलब्धि न केवल रामपुर बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
अनु मलिक के हाथों मिली ट्रॉफी
शो के भव्य फिनाले में अथर्व को प्रतिष्ठित ट्रॉफी दिग्गज संगीतकार और गायक अनु मलिक के हाथों प्राप्त हुई। दशकों से संगीत जगत को हिट पर हिट देने वाले अनु मलिक अथर्व के प्रदर्शन से इतने प्रभावित हुए कि वे भावुक नजर आए। उन्होंने मंच पर ही अथर्व की असाधारण स्वर सीमा, भावनात्मक गहराई और सशक्त मंचीय उपस्थिति की खुलकर प्रशंसा की। शो से जुड़े सूत्रों के अनुसार अनु मलिक ने कहा, “अथर्व का गायन शुद्ध जादू है, ऐसे कलाकार हमें याद दिलाते हैं कि हम संगीत से पहली बार क्यों प्रेम करने लगे थे।”
दो साल तक किया कठिन रियाज
अथर्व वर्मा की सफलता का यह सफर आसान नहीं रहा। बीते दो वर्षों से उन्होंने लगातार कठिन रियाज़ किया, हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश की। एक अनुभवी लाइव परफॉर्मर के रूप में अथर्व पहले ही देश के विभिन्न हिस्सों में अपने ऊर्जावान मंचीय कार्यक्रमों से पहचान बना चुके थे। इंडिया टैलेंट फाइट जैसे राष्ट्रीय मंच पर पहुंचने से पहले ही उन्होंने एक मजबूत और वफादार प्रशंसक वर्ग तैयार कर लिया था।
इस ऐतिहासिक जीत पर अथर्व के माता-पिता की खुशी भी देखने लायक थी। हर संघर्ष में बेटे के साथ खड़े रहे माता-पिता ने भावुक होकर कहा, “अपने बेटे को ट्रॉफी उठाते देखना हमारे लिए सपने के सच होने जैसा है।” वहीं डीपीएस रानीपुर के छात्र होने के नाते अथर्व ने अपने विद्यालय और शिक्षकों का भी नाम रोशन किया है।
छोटे शहर के प्रतिभाशाली की ऊंची उड़ान
इस जीत के साथ ही अथर्व वर्मा के उज्ज्वल भविष्य को लेकर पूरे देश में उत्साह है। महज 21 वर्ष की उम्र में यह छोटे शहर का प्रतिभाशाली गायक अब ऊंची उड़ान भरने को तैयार है। संगीत प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि अथर्व वर्मा आने वाले समय में भारतीय संगीत जगत का बड़ा नाम बन सकते हैं।
अथर्व वर्मा को हार्दिक बधाई — प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ता का सच्चा प्रकाशस्तंभ।



