सशस्त्र सीमा बल देश की सुरक्षा की मजबूत ढाल: मुख्यमंत्री




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न्यूज 127, देहरादून।
सशस्त्र सीमा बल ने पिछले छह दशकों से राष्ट्र की सुरक्षा में अद्वितीय योगदान दिया है। आंतरिक सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद, नक्सलवाद और आपदा प्रबंधन जैसे कठिन क्षेत्रों में एसएसबी के जवानों ने साहस, समर्पण और अनुशासन के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में कही। वह अर्पित फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्राइड मूवमेंट सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने समारोह के दौरान सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित करते हुए कहा कि एसएसबी के जवान जहां एक ओर सीमाओं की रक्षा में दिन-रात तत्पर रहते हैं, वहीं दूसरी ओर खेल, सामाजिक गतिविधियों और आपदा राहत कार्यों में भी उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बल केवल सुरक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और राष्ट्रभक्ति की मिसाल भी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। आज देश स्वदेशी तकनीक से रक्षा उपकरणों का निर्माण कर रहा है और विश्व के प्रमुख रक्षा निर्यातक देशों में अपनी पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत के स्वदेशी हथियारों की क्षमता और ताकत को पूरी दुनिया ने देखा और सराहा है।

राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के जवानों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है। साथ ही वीरता पदक से अलंकृत जवानों को मिलने वाली सम्मान राशि में भी वृद्धि की गई है, ताकि उनके त्याग और बलिदान का सम्मान किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण के लिए विशेष योजनाएं लागू की जा रही हैं। सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक दृष्टि से भी इन क्षेत्रों को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान हेतु ठोस निर्णय लेते हैं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, निरंजनी पीठाधीश्वर आचार्य कैलाशानन्द महाराज, एसएसबी के डीआईजी सुधांशु नौटियाल, अर्पित फाउंडेशन की हनी पाठक सहित सशस्त्र सीमा बल के अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।