राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार के छात्रों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन








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न्यूज127, हरिद्वार।
राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में अध्ययनरत छात्र–छात्राओं ने कॉलेज एवं छात्रावास में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है। छात्र—छात्राओं का कहना है कि बीते कई महीनों से मूलभूत शैक्षणिक, आवासीय एवं दैनिक जरूरतों से जुड़ी समस्याएँ लगातार बनी हुई हैं, जिससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्रों का मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन करने के दौरान छात्र—छात्राओं ने बताया कि कॉलेज की प्रैक्टिकल लैब में पिछले करीब पाँच महीनों से आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, जिससे प्रायोगिक कक्षाएँ बाधित हो रही हैं। वहीं लेक्चर थिएटर में चॉक, डस्टर जैसी सामान्य व्यवस्थाओं का भी अभाव है। कई लेक्चर थिएटरों में प्रोजेक्टर महीनों से खराब पड़े हैं और पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है।
छात्रों ने हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं को भी गंभीर बताया। उनका कहना है कि छात्रावासों में प्रतिदिन सफाई नहीं हो रही, पीने के पानी की कमी है, कई शौचालयों में फ्लश खराब हैं, जेट स्प्रे व शीशे तक नहीं लगे हैं तथा गर्म पानी की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सीनियर गर्ल्स हॉस्टल में पीने के पानी का नल तक नहीं होने की बात सामने आई है।
मेस व्यवस्था को लेकर छात्रों ने गहरी नाराजगी जताई। आरोप है कि मेस का भोजन अत्यंत निम्न गुणवत्ता का, अत्यधिक तेलयुक्त और अस्वच्छ होता है। रोजाना लगभग एक ही प्रकार का भोजन परोसा जा रहा है। साथ ही मेस में स्वच्छता मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा।
छात्रों ने यह भी बताया कि शिक्षकों को ऑनलाइन ऑर्डर की अनुमति है, जबकि छात्रों को आवश्यक वस्तुओं के लिए ब्लिंकिट या अन्य ऑनलाइन ऑर्डर की अनुमति नहीं दी जाती, जबकि सभी ऑर्डर की सुरक्षा जांच गार्ड द्वारा की जाती है और कॉलेज परिसर के आसपास पर्याप्त बाजार सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। इसे छात्रों ने भेदभावपूर्ण व्यवस्था बताया।
छात्राओं की सुरक्षा एवं स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा भी सामने आया है। छात्राओं की आउटिंग पिछले पाँच महीनों से बंद है और इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। वहीं हॉस्टल टाइमिंग को लेकर भी असंगति है—ऑर्डर का समय रात 10 बजे तक और प्रवेश समय रात 9 बजे तक निर्धारित है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रहती है।
छात्रों ने कुछ गार्ड्स पर दुर्व्यवहार, बिना अनुमति कमरों में प्रवेश करने और फोटो लेने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इसके अलावा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के अभाव, खेल मैदान एवं उपकरणों की कमी, त्योहारों के आयोजन न होने, जूनियर्स की व्हाइट कोट सेरेमनी आयोजित न किए जाने और कॉलेज स्थापना के बाद से अब तक वार्षिक उत्सव (फेस्ट) न होने पर भी नाराजगी जताई गई है।
नेटवर्क की खराब स्थिति को भी छात्रों ने बड़ी समस्या बताया है। हॉस्टल और लेक्चर थिएटर में वाई-फाई सुविधा की मांग की गई है। साथ ही कैंटीन की उचित व्यवस्था न होने और विभागों में कार्यरत शौचालयों की जर्जर हालत का मुद्दा भी उठाया गया।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी समस्याओं पर शीघ्र कार्यवाही की जाए अथवा उनके समाधान के लिए एक निश्चित समय-सीमा घोषित की जाए। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य विरोध करना नहीं है, बल्कि शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित वातावरण में अध्ययन हेतु मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है। हालांकि छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे कक्षाओं के बहिष्कार के लिए बाध्य हो सकते हैं।