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हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण की बहुत मान्यता है। यह एक खगोलीय घटना है, जिसका धार्मिक महत्व भी अधिक है। इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भाद्रपद की पूर्णिमा 7 सितंबर को लगेगा। इस दौरान चन्द्रमा का रंग लाल होने के कारण इसे ब्लड मून भी कहा जा रहा है।
खग्रास चंद्रग्रहण भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को भारतीय समय के अनुसार रात्रि 9:57 से प्रारंभ होकर देर रात्रि 1:27 पर समाप्त होगा। ये चंद्र ग्रहण संपूर्ण भारत में दिखाई देगा। भारत के अलावा अन्य कई देशों में भी यह दिखायी देगा। ज्योतिष एवं वास्तु सलाहकार राहुल अग्रवाल के मुताबिक यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि तथा पूर्वाभाद्र नक्षत्र में हो रहा है, इस कारण कुंभ राशि तथा इस नक्षत्र में जन्म लेने वालों को विशेष रूप से प्रभावित कर सकता है। इसीलिए चंद्र ग्रहण के दौरान इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। जिन राशियों के लिए ग्रहण शुभ नहीं है उन्हें इसे देखने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को विशेष कर ग्रहण देखने से बचना चाहिए।

ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले होगा प्रारंभ
शास्त्रीय मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है। यानि दिन में पूर्वान्ह 12:57 से चंद्र ग्रहण का सूतक प्रारंभ हो जाएगा। ग्रहण प्रारंभ होने से पूर्व स्नान, मध्य भाग में हवन पूजा पाठ और अंत में दान आदि करना चाहिए। सूतक काल व ग्रहण काल में बच्चों, बुजुर्ग, रोगी आदि को छोड़कर अन्य किसी को भोजन व शयन आदि नहीं करना चाहिए।

ग्रहण का दुष्प्रभाव कम करने के लिए ये करें उपाय
ज्योतिषों के मुताबिक ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव के मंत्र ओम नमः शिवाय का यथाशक्ति अधिक से अधिक जाप करें। सवा सात किलो अनाज अपने सिर से उतार कर किसी निर्धन व्यक्ति या ग्रहण के समय जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना चाहिए। सवा किलो चावल का दान करना भी ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करेगा। गुरु मंत्र का भी यथाशक्ति जाप करें।

एक पक्ष में दो ग्रहण नहीं माने जाते शुभ
शास्त्रीय मान्यता के अनुसार एक पक्ष में दो ग्रहण शुभ नहीं रहते हैं। इस बार 7 सितंबर को पितृपक्ष प्रारंभ होने के साथ चंद्र ग्रहण व पितृपक्ष समाप्ति के समय 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। लेकिन देश दुनिया पर इन दोनों ग्रहण का प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिल सकता है। चंद्रमा मन और स्त्री कारक ग्रह है। वहीं, सूर्य देव शासन व सत्ता का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन ग्रहणों के असर से जहां पूरे देश और दुनिया में लोग मानसिक रूप से अपने को कमजोर महसूस करेंगे वहीं, महिलाओं के लिए भी यह ग्रहण सामन्यता: बहुत शुभ नहीं है। ज्योतिषविदों का मानना है कि देश दुनिया में सूर्य ग्रहण के प्रभाव से सरकार और विपक्ष में तकरार बढ़ेगी, सत्ता परिवर्तन की खबर भी सुनाई दे सकती है। इनके प्रभाव से प्राकृतिक आपदाएं भी बढ़ने की भी संभावना है।

चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
मेष: स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें, व्यर्थ के तनाव से बचे।
वृषभ: व्यर्थ का तनाव हो सकता है, पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मिथुन: कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी, धन लाभ भी हो सकता है।
कर्क: अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं, ग्रहण के शुभ फल प्राप्त होंगे।
सिंह: व्यवसाय में अनावश्यक रूप से दिक्कतें आ सकती हैं।
कन्या: व्यर्थ की भाग दौड़ बनी रहेगी, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
तुला: अनावश्यक खर्च बढ़ेंगे, धन के मैनेजमेंट पर ध्यान दें।
वृश्चिक: राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए विशेष लाभ हो सकता है।
धनु: लंबी दूरी की यात्राएं हो सकती हैं, ग्रहण शुभ रहेगा।
मकर: परिवार में वाद विवाद हो सकता है, शांति बनाए रखें।
कुंभ: आपके विश्वास पात्र ही विश्वासघात कर सकते हैं, कष्टकारी हो सकता है।
मीन: यह ग्रहण सुख समृद्धि कारक रहेगा।




