न्यूज127, हरिद्वार
हरिद्वार के दशकों पुराने रोडवेज बस अड्डे को नए स्थान पर शिफ्ट करने की कवायद ने शहर के व्यापारियों और होटल कारोबारियों में नाराज़गी पैदा कर दी है। उनका कहना है कि यह कदम तीर्थयात्रियों और आम यात्रियों के लिए भारी असुविधा का कारण बनेगा।
व्यापारी गगन मान ने कहा कि हरिद्वार में आने वाले तीर्थयात्रियों का पहला पड़ाव हरकी पैड़ी और मां मंसा देवी, चंडी देवी व माया देवी मंदिर होते हैं। “यदि बस अड्डा रेलवे स्टेशन से दूर शिफ्ट किया गया तो श्रद्धालुओं को सीधे दर्शन के लिए पहुंचने में भारी परेशानी होगी।”
व्यवसायी रिक्कल अरोड़ा ने कहा कि हरिद्वार में सैकड़ों होटल, धर्मशालाएं और आश्रम हैं, जहां देश-विदेश से आने वाले यात्री ठहरते हैं। “बस अड्डे को दूसरी जगह ले जाने से होटल कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा।”
होटल कारोबारी भूपेंद्र अरोड़ा ने चिंता जताते हुए कहा कि केवल तीर्थयात्रियों ही नहीं बल्कि गढ़वाल मंडल के पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को भी मुश्किलें होंगी।
इसी क्रम में गुरुप्रीत अरोड़ा ने कहा, “हरिद्वार की पहचान यात्रियों और भक्तों से है। उनकी सुविधा सर्वोपरि होनी चाहिए। सरकार को तीर्थयात्रियों की भावनाओं को देखते हुए बस अड्डे को हटाने का निर्णय नहीं लेना चाहिए।”
व्यापारियों ने सरकार को सुझाव दिया कि बस अड्डे को शिफ्ट करने के बजाय उसका आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण किया जाए। ताकि शहर के हृदय स्थल पर स्थित यह बस अड्डा और अधिक खूबसूरत व सुविधाजनक बन सके।
प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले पर हरिद्वार–रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) के उपाध्यक्ष अंशुल सिंह का कहना है कि मास्टर प्लान के तहत शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस अड्डे को नए स्थान पर शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा, “बस अड्डा शिफ्ट करने से शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या कम होगी और तीर्थयात्रियों को सुरक्षित एवं बेहतर यातायात व्यवस्था मिलेगी। हालांकि अंतिम निर्णय जनता की राय और सुविधा को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।”



