लक्सर।
किसानों एवं मजदूरों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (क्रांति) अराजनीतिक ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आंदोलन का ऐलान कर दिया है। संगठन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को संबोधित छह सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी हरिद्वार के माध्यम से सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो हजारों किसान देहरादून कूच कर मुख्यमंत्री आवास पर आंदोलन करेंगे।
गुरुवार को संगठन से जुड़े सैकड़ों किसान और मजदूर लक्सर के शिव चौक पर एकत्र हुए, जहां सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं को मुखरता से उठाया। इसके पश्चात सभी किसान जुलूस की शक्ल में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
किसानों की प्रमुख मांगों में टोल प्लाजा पर कैमरों के माध्यम से किए जा रहे चालानों में राहत, खनन मामलों में अधिकारियों की कथित मनमानी पर कार्रवाई, जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाने पर रोक, दिहाड़ी मजदूरों पर लगाए जा रहे भारी चालानों में कमी, पथरी नदी को नमामि गंगे योजना से जोड़ना, तथा गन्ना किसानों पर लागू 15 किलोमीटर की बाध्यता समाप्त करना शामिल है।
इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास चौधरी ने कहा कि किसान और मजदूर पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में चालान और जुर्मानों का अतिरिक्त बोझ डालना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत समझते हुए किसानों को राहत देनी चाहिए।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष युनुस अहमद ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना हो रही है, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष अनिल चौधरी ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया, तो संगठन प्रदेशभर से किसानों को एकजुट कर देहरादून में बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।
किसानों के हितों की अनदेखी तो उग्र आंदोलन की चेतावनी, 6 सूत्रीय मांगों को जोरदार प्रदर्शन







