दो महामंडलेश्वर तत्काल प्रभाव से निष्कासित, अन्य पर भी बन सकती है गाज




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हरिद्वार।
हरिद्वार कुंभ को दिव्य और भव्य रूप से आयोजित किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अखाड़ों के संतों के साथ की गई बैठक पर सवाल उठाने और अखाड़े की परंपरागत मर्यादा के विरुद्ध कथित रूप से बयानबाज़ी करने का मामला तूल पकड़ गया है। इसी क्रम में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े ने सख़्त कदम उठाते हुए दो वरिष्ठ संतों को निष्कासित कर दिया है।

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्री महंत मोहन भारती महाराज ने अखाड़े के अनुशासन, मर्यादा और परंपराओं के उल्लंघन के आरोप में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज तथा महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज को तत्काल प्रभाव से अखाड़े से बाहर कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री द्वारा कुंभ तैयारियों को लेकर की गई समीक्षा बैठक के प्रति इन संतों द्वारा की गई कथित विवादित टिप्पणियां और संगठन के विरुद्ध अनर्गल बयानबाज़ी अखाड़े की गरिमा के विपरीत मानी गई। इसके बाद अखाड़े की शीर्ष पंचायत ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया।

महंत मोहन भारती महाराज ने साफ कहा कि अखाड़ा व्यवस्था संत परंपरा, मर्यादा और सामाजिक आचरण के उच्च आदर्शों पर आधारित है, और इन मूल्यों के विपरीत जाने वाले किसी भी व्यक्ति को पद या प्रभाव का संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अन्य संतों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, और यदि प्रमाण मिले तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

खाड़े की इस कार्रवाई को धार्मिक जगत में बड़ी और कड़ी अनुशासनात्मक पहल माना जा रहा है। आगामी कुंभ की तैयारियों के बीच यह घटनाक्रम संत समुदाय में भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।