हरिद्वार. गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के आजीवन शिक्षा विभाग द्वारा प्रबन्ध अध्ययन के सभागार कक्ष में दीर्घकालीन और लघुकालीन प्रशिक्षणों के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि व विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि महिला शक्ति के लिए कलात्मक कोर्स करना जीवन में विशेष उपयोगी है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित दीर्घकालीन कोर्स ग्रामीण व शहरी अंचलों में संचालित किए जा रहे हैं। इन प्रशिक्षणों से महिलाओं के अन्दर सृजनात्मक ज्ञान तो बढ़ेगा ही साथ ही वह प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने पैरों पर खड़ी भी हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि महिला परिवार की धुरी होती है और परिवार का सही रूप में संचालन महिला ही करती है। महिलाएं बच्चों के पालन-पोषण के साथ-साथ ही शिक्षा भी ग्रहण करती है या फिर कोई प्रशिक्षिका इन प्रशिक्षणों को संचालित करती है तो निश्चित ही समाज में कल्याणकारी कार्य कर रही है। समाज सेवा से ऊपर कोई भी सेवा नहीं है। इसीलिए विश्वविद्यालय समाज कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। समारोह में कुलपति डाॅ0 सुरेन्द्र कुमार ने दीर्घकालीन और लघुकालीन प्रशिक्षण संचालन करने के लिए आजीवन शिक्षा विभाग को 50,000 रुपये देने की घोषणा की।
उद्घाटन समारोह के विशिष्ट अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 विनोद कुमार ने कहा कि पुरूष मकान बनाता है और स्त्री घर बनाती है। स्त्री के अन्दर बहुत ऊर्जा होती है उसके अन्दर सहनशीलता, गम्भीरता व कौशल होता है। आजीवन शिक्षा विभाग कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित कर रहा है। मगर विश्वविद्यालय कौशल विकास के कार्यक्रम का साध्य है और प्रशिक्षिकाएं इन कार्यक्रमों की साधन है। प्रशिक्षिकाएं अपने कौशल के द्वारा प्रशिक्षणों को संचालित करें और इन प्रशिक्षणों को साधन के रूप में जीवन में उतारें।
विश्वविद्यालय के सम्पदाधिकारी प्रो0 सोहनपाल सिंह आर्य ने कहा कि विश्वविद्यालय में कौशल विकास को लेकर आजीवन शिक्षा विभाग में जमीनी स्तर पर कार्य करना शुरू कर दिया है। सही रूप में विश्वविद्यालय का यह विभाग घर-घर तक विश्वविद्यालय की गतिविधियों को पहुंचा रहा है। आजीवन शिक्षा विभाग में अनवरत इस तरह के प्रशिक्षण संचालित होते रहे तो महिलाओं के उत्थान के लिए यह विभाग महत्वपूर्ण कार्य करेगा।
आजीवन शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रबन्ध अध्ययन संकाय के संकायाध्यक्ष व उद्घाटन की अध्यक्षता करते हुए प्रो0 पंकज मदान ने कहा कि आजीवन शिक्षा विभाग द्वारा छः मासीय प्रशिक्षणों में सिलाई, पेंटिंग, सौन्दर्य प्रशाधन, फोटो ग्राफी, इंग्लिश स्पीकींग कोर्स और योग प्रशिक्षण, लघुकालीन 7 व 15 दिवसीय प्रशिक्षण कोर्स- मेंहदी, रेशम पेंटिंग, जूट की चप्पल, डाॅल मेकिंग, पाक कला (कुकिंग), बैग पर्स मेकिंग और योग प्रशिक्षण संचालित किए जायेंगे। आजीवन शिक्षा विभाग के परियोजना समन्वयक डाॅ0 पंकज कौशिक ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने प्रसार कार्यक्रम को तीसरे आयाम के रूप में शुरू किया है। विश्वविद्यालय में शिक्षा और शोध चाहर दिवारी के अन्दर संचालित होते है जबकि प्रसार कार्यक्रमों के द्वारा विश्वविद्यालय लोगों के घर तक पहुंच जाता है।
आज सिलाई प्रशिक्षण- गढ़मीरपुर, लाल मन्दिर, सुभाषनगर, बंगाली मोड, सौन्दर्य प्रशाधन प्रशिक्षण- सुभाषनगर, कुकिंग प्रशिक्षण- कनखल पेंटिंग, बैग पर्स प्रशिक्षण- महानिर्वाणी अखाडे फ्लेट जगजीतपुर के परिसर में संचालित होंगे। इस अवसर पर मनजीत कौर, ललिता चैहान, तनिमा मेहता, मीनाक्षी, ज्योति, अंजू, पूजा जैन, सोनम इत्यादि प्रतिभागियों ने भाग लिया। उक्त समारोह का संचालन डाॅ0 पंकज कौशिक द्वारा किया गया।



