न्यूज 127, देहरादून।
उत्तराखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए तीन लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकीं लगभग 50 एंबुलेंस को तत्काल बदलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में 108 एंबुलेंस सेवा से संबंधित व्यय वित्त समिति की बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा सीधे लोगों के जीवन से जुड़ी है। ऐसे में पुराने और बार-बार खराब होने वाले वाहनों को लंबे समय तक चलाना उचित नहीं है। उन्होंने निर्धारित मानकों के अनुरूप एंबुलेंस को अद्यतन रखने और निर्धारित अवधि पूरी कर चुके वाहनों को चरणबद्ध तरीके से बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
हर एंबुलेंस के पहुंचने के समय की होगी समीक्षा
मुख्य सचिव ने एंबुलेंस सेवा की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग में प्रभावी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत एक विशेष टीम गठित की जाएगी, जो सेवा के विभिन्न पहलुओं की नियमित निगरानी और विश्लेषण करेगी। इसके लिए साप्ताहिक और मासिक समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि एंबुलेंस के पहुंचने के समय का आकलन केवल औसत रिस्पांस टाइम के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक मामले में वास्तविक समय का विश्लेषण किया जाए, ताकि देरी वाले मामलों की पहचान कर उसके कारणों का पता लगाया जा सके और सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।
जीवनरक्षक उपकरणों की हर महीने जांच अनिवार्य
मुख्य सचिव ने एंबुलेंस में उपलब्ध जीवनरक्षक उपकरणों की प्रत्येक माह अनिवार्य जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा, ताकि आपातकालीन स्थिति में उपकरणों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े।
उन्होंने एंबुलेंस सेवा की निगरानी के लिए जल्द मोबाइल ऐप विकसित करने के निर्देश भी दिए। इसके माध्यम से मरीज की स्थिति और स्थान के आधार पर एंबुलेंस की आवाजाही तथा सेवा की निगरानी आसान होगी। सरकारी एंबुलेंस को भी आवश्यक सुविधाओं से लैस कर इस व्यवस्था में शामिल करने पर जोर दिया गया।
प्रदेश में चल रही हैं 272 एंबुलेंस
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 108 सेवा के तहत 272 एंबुलेंस संचालित हैं। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की 250 से अधिक सरकारी एंबुलेंस भी सेवाएं दे रही हैं। मुख्य सचिव ने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव नवनीत पाण्डेय, रोहित मीणा और महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


