न्यूज 127, अल्मोड़ा।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि कोसी और रामगंगा नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने तथा नदी क्षेत्रों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों को पहले नोटिस दिया जाए और निर्देशों का पालन नहीं करने पर चालान की कार्रवाई की जाए। उन्होंने नदी किनारे कचरे का उचित निस्तारण करने और स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
गुरुवार को जिला गंगा सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कोसी एवं रामगंगा नदियों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और नदी क्षेत्रों की स्वच्छता से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दोनों नदियों के फ्लड प्लेन जोन की रिपोर्टों की समीक्षा करते हुए इन क्षेत्रों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित करने पर चर्चा की।
एसटीपी और सीवरेज कार्यों की समीक्षा
बैठक में जल संस्थान ने बख स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के उन्नयन तथा पेयजल निगम ने पांडे खोला स्थित एसटीपी के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। सीवरेज नेटवर्क से संबंधित संचालित और प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने, पुराने संचित कचरे के निस्तारण में तेजी लाने और नगर की जल निकासी व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदियों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा।
सभी वार्डों में चलेगा जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने नगर निगम को सभी वार्डों में स्वच्छता और नदी संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से स्वयं अभियान में प्रतिभाग कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने को कहा। जिला पंचायत राज विभाग को सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों को नोटिस जारी करने और नियमों का उल्लंघन जारी रहने पर चालान करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वजल विभाग के सोक पिट निर्माण की प्रगति और जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को नदी संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, परियोजना अधिकारी गंगा सुरक्षा समिति रंजीता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


