परिवहन विभाग की स्पेयर पार्ट की दुकानों पर छापेमारी, भारी मात्रा में अवैध उपकरण जब्त
हरिद्वार।
अवैध वाहन एसेसरीज़ की बिक्री पर सख्ती बरतते हुए हरिद्वार परिवहन विभाग की टीम ने गुरुवार को अवधूत मंडल क्षेत्र में स्थित लगभग आधा दर्जन से अधिक स्पेयर पार्ट की दुकानों पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई इतनी तेज और प्रभावी थी कि सुबह दुकानें खुलते ही व्यापारी सकते में आ गए। कई दुकानों में नियम-विरुद्ध वाहन उपकरणों की भारी मात्रा मिलने से बाजार में हड़कंप मच गया।
छापेमारी टीम में एआरटीओ (ए) निखिल शर्मा, एआरटीओ (ई) नेहा झा, टीटीओ मुकेश भारती, टीटीओ वरुणा सैनी और पुलिस बल शामिल थे। टीम ठीक 11 बजे जैसे ही इलाके में पहुँची, दुकानदारों में अफरा-तफरी फैल गई। परिवहन विभाग की कार्रवाई देखते ही कई व्यापारी असहज दिखाई दिए और कुछ ने विरोध भी जताने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासनिक टीम ने जनहित में बिना किसी दबाव के जांच को जारी रखा।
निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों से प्रेशर हॉर्न, मल्टी-टोन हूटर, ब्लैक फिल्म, अनधिकृत एलईडी/स्टोब लाइट, फैंसी नंबर प्लेट तथा अन्य गैर-अनुमोदित उपकरण भारी मात्रा में जब्त किए। प्रशासन ने मौके पर ही बरामद अवैध सामान को सीज कर दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि आगे यदि प्रतिबंधित उपकरण पाए गए तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहायक परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने बताया कि शहर में सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले ऐसे उपकरणों की अवैध बिक्री को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई दुकानों में गैर-अनुमोदित उपकरण खुलेआम बेचे जा रहे थे, जो न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है। उन्होंने बताया कि मौके पर सभी सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कर दुकानदारों को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रेशर हॉर्न और हूटर ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, जबकि ब्लैक फिल्म, अनधिकृत एलईडी लाइट और फैंसी नंबर प्लेट वाहन की दृश्यता, पहचान और ट्रैफिक प्रवर्तन को प्रभावित करती हैं। ऐसे अवैध उपकरण दुर्घटनाओं और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को जन्म देते हैं।
सहायक परिवहन अधिकारी निखिल शर्मा ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे और किसी भी तरह की अवैध वाहन एसेसरीज़ की बिक्री को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे केवल मानक-अनुरूप व अनुमोदित उपकरणों का ही उपयोग करें, जिससे सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
शहर व्यापार मंडल का सोशल मीडिया पर विरोध दर्ज
शहर व्यापार मंडल के व्यापारी नेता विक्की तनेजा ने परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि यह सरासर बाजार वालों की कमी है। आरटीओ विभाग को कोई अधिकार नहीं बनता कि वह किसी दुकान पर जाकर उसके सामान की जांच कर सके। यह अधिकार सिर्फ और सिर्फ इनकम टैक्स विभाग या जीएसटी विभाग कोई है। अगर कोई व्यापारी दुकान पर रखे सामान के संबंध बिल प्रस्तुत नहीं कर पाता तो उसके खिलाफ जीएसटी विभाग आवश्यक कार्रवाई कर सकता है। किंतु आरटीओ विभाग को किसी भी दुकान पर जाकर उसके सामान की जांच करना या बिल मांगने का कोई अधिकार नहीं है। आरटीओ विभाग किसी दुकानदार से कोई सामान जब्त करके ले जाने का भी अधिकार नहीं रखता, आरटीओ विभाग अगर अपनी जिम्मेदारी ही सही ढंग से निभाएं तो शहर की काया कल्प हो जाए, सड़कों पर क्षमता से अधिक ई रिक्शा वाहन दौड़ते रहते हैं हाईवे पर और शहर की अन्य सड़कों पर भी जुगाड़ वाहन क्षमता से अधिक भार लाधकर मौत का सामान बनकर घूमते दिखाई देते हैं। इन जरूरी बातों की ओर आरटीओ विभाग का कोई ध्यान नहीं है। आरटीओ विभाग मात्र चालान की कार्रवाई और इस तरह बाजार में जाकर भय का वातावरण उत्पन्न करके अपने कार्यों की इतिश्री करना चाहते हैं जो कि सरासर गलत है।
शहर व्यापार मण्डल ज्वालापुर इस तरह की कार्यवाही का पूर्ण विरोध करता है और भविष्य मे इस तरह की कार्यवाही का जोरदार विरोध किया जायेगा और किसी भी व्यापारी भाई का शोषण नहीं होने दिया जायेगा।




