- खाती गांव से जीरो पॉइंट तक 26 किलोमीटर के पैदल मार्ग का निरीक्षण
- खतरनाक स्थलों में सुधार और पर्यावरण-अनुकूल साइनबोर्ड लगाने के निर्देश
न्यूज 127, बागेश्वर।
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बागेश्वर जिला प्रशासन ने पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक (Pindari Glacier track) को सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की पहल तेज कर दी है। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने मंगलवार को प्रशासनिक और संबंधित विभागों की टीम के साथ ट्रेक मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा सुधार और पर्यटन सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए।

खाती गांव से पिंडारी ग्लेशियर के जीरो पॉइंट तक करीब 26 किलोमीटर एक तरफ का पैदल मार्ग है। आने-जाने में ट्रेक की कुल दूरी लगभग 52 किलोमीटर होती है। जिलाधिकारी ने मार्ग के विभिन्न हिस्सों का जायजा लेते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को खतरनाक और संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र कराने को कहा। इसका उद्देश्य ट्रेकिंग के दौरान पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।
पर्यटकों से लिया फीडबैक, स्थानीय रोजगार पर जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ट्रेक पर मौजूद पर्यटकों से बातचीत कर उनके अनुभव और सुझाव जाने। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की। डीएम ने कहा कि साहसिक पर्यटन के विकास में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है, ताकि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हों तथा ग्रामीणों की आजीविका मजबूत हो।

उन्होंने स्थानीय स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रिंगाल से बने पर्यावरण-अनुकूल साइनबोर्ड तैयार कराने के निर्देश दिए। इससे एक ओर ट्रेक मार्ग पर पर्यटकों को दिशा और जरूरी जानकारी मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर स्थानीय हस्तशिल्प और आजीविका को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
ट्रेक मार्ग का तैयार होगा विस्तृत मैनुअल
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी कपकोट को पिंडारी ग्लेशियर ट्रेक का विस्तृत मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें मार्ग की जानकारी, प्रमुख पड़ाव, उपलब्ध संसाधनों और आपदा की स्थिति में उपयोगी जानकारियों को शामिल किया जाएगा। इससे ट्रेकिंग पर आने वाले पर्यटकों और संबंधित विभागों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इसके साथ ही सुंदरढूंगा और कफनी ग्लेशियर ट्रेक मार्गों का तकनीकी निरीक्षण कर सुरक्षा और सुगमता के लिए जरूरी कार्यों की रूपरेखा तैयार करने को कहा गया।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकसित होगा साहसिक पर्यटन
जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने कहा कि ट्रेकिंग मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है। पिंडारी सहित अन्य ग्लेशियर ट्रेक को बेहतर सुविधाओं से जोड़कर बागेश्वर को साहसिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित कर पर्यटन से होने वाले लाभ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा, उपजिलाधिकारी अनिल चनियाल, पुलिस उपाधीक्षक राजेश सिंह, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता अंकित नौटियाल, खाती के ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह दानू सहित संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


