न्यूज 127, हरिद्वार।
राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज में बिल्केश्वर कॉलोनी के समीप जंगल में बुधवार सुबह हथिनी का सड़ी-गली अवस्था में शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। गश्त के दौरान वनकर्मियों की नजर पहाड़ी के नीचे पड़े शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में हथिनी की पहाड़ी से नीचे गिरने के कारण मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
वन विभाग के अनुसार, हथिनी का शव तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। शव से उठने वाली तेज दुर्गंध आसपास की कॉलोनी तक पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों को भी इसकी जानकारी हुई। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और पशु चिकित्सक को बुलाकर जंगल में ही शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव को नियमानुसार जंगल में दफना दिया गया।
12 से 15 वर्ष के बीच थी हथिनी की उम्र
राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज की रेंज अधिकारी आभा रतूड़ी ने बताया कि मृत हथिनी की उम्र करीब 12 से 15 वर्ष के बीच आंकी गई है। प्रारंभिक जांच में पहाड़ी से नीचे गिरने के कारण उसकी मौत होने की आशंका है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
वन विभाग ने शुरू की गहन जांच
जंगल में हथिनी का शव मिलने के बाद वन विभाग की टीम मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के निष्कर्षों के आधार पर मौत की वजह स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल पहाड़ी से गिरने की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
राजाजी टाइगर रिजर्व का जंगल वन्यजीवों की महत्वपूर्ण शरणस्थली है। ऐसे में हथिनी की मौत की घटना ने वन विभाग के सामने उसके कारणों का पता लगाने की चुनौती खड़ी कर दी है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हथिनी की मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।


