VIDEO: मेरठ में अवैध रूप से भंडार किये गए पटाखों का जखीरा पकड़ा, दो हिरासत में




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न्यूज 127, मेरठ (जोजो):
मेरठ में पुलिस ने अवैध पटाखों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टीपीनगर और कोतवाली क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक वाहन में भरे हुए अवैध पटाखे बरामद किए, जबकि कोतवाली क्षेत्र में बाजार के बीच भंडारित किए गए पटाखों के माल को सीज किया गया। पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।

एसएसपी के निर्देश पर चलाया जा रहा अभियान
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देश पर सीओ कोतवाली और सीओ ब्रह्मपुरी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में गुदड़ी बाजार पटाखे बरामद किए गए। यह अभियान जनपद के अन्य थाना क्षेत्रों में चलाने के निर्देश दिये गए हैं। थाना प्रभारियों और थानाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देश दिये गए हैं कि उनके थाना क्षेत्रों में किसी भी दशा में अवैध रूप से प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री या भंडारण नहीं होना चाहिए।

हापुड़ से लाकर बिना लाइसेंस बेचते थे पटाखे
प्रारंभिक जांच और पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी पड़ोसी जनपद हापुड़ से अवैध रूप से पटाखे लाकर मेरठ में थोक भाव में बेचते थे। उनके पास पटाखों के भंडारण और बिक्री से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस नहीं था। त्योहारी सीजन के मद्देनजर इस तरह भारी मात्रा में अवैध पटाखों का भंडारण करना एक बड़ा सुरक्षा जोखिम माना जा रहा है, जिससे किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था। बरामद पटाखों की कीमत करीब 20 लाख रुपये बतायी गई है।

मास्टरमाइंड और अन्यपुटों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि हापुड़ में यह पटाखे कहां से और किससे खरीदे गए थे तथा इस अवैध कारोबार के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकार के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। अवैध पटाखों के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।