रामराज्य की मूल भावना न्याय, सुशासन और जनकल्याण, अहंकार और अधर्म पर हमेशा सत्य की होती है विजय: मुख्यमंत्री




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न्यूज 127, देहरादून।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, कर्तव्यनिष्ठा, संयम और मर्यादा का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। रामराज्य की मूल भावना न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण में निहित है। उन्होंने प्रदेशवासियों से विजयादशमी के अवसर पर अपने भीतर की बुराइयों का त्याग कर सामाजिक सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए बन्नू बिरादरी के पदाधिकारियों, सदस्यों और आयोजन समिति को बधाई दी।

अहंकार बना रावण के पतन का कारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। रावण के पास अपार संपत्ति, सामर्थ्य और विशाल सेना थी, लेकिन उसका अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। इससे स्पष्ट होता है कि अधर्म कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की रक्षा के लिए राजसुख का त्याग कर 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उनका जीवन त्याग, कर्तव्यपालन और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का उदाहरण है। दशहरा केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आत्मशुद्धि का अवसर भी है। समाज को अहंकार, क्रोध, लोभ, भ्रष्टाचार, नशे और महिलाओं के प्रति हिंसा जैसी बुराइयों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने चाहिए।

सरकारी भूमि अतिक्रमणमुक्त कराने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के साथ प्रदेश में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि कब्जामुक्त कराई गई है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को गुमराह करने तथा धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को समानता और न्याय की भावना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। नकल जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां मिली हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। युवाओं में ज्ञान, नवाचार और तार्किक सोच विकसित कर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को योग्यता, परिश्रम और प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का आधार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निवेश, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों का विस्तार प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक है। स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है। विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण भी जरूरी है।

सद्भाव और जनकल्याण का लिया संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसा उत्तराखंड बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को न्याय मिले, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री खजान दास, बन्नू बिरादरी के पदाधिकारी एवं सदस्य, आयोजन समिति के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।