न्यूज 127, मेरठ।
नगर निगम, नगर पालिका और आवास विकास प्राधिकरण द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की आड़ में व्यापारियों को लगातार सीलिंग और ध्वस्तीकरण के मनमाने नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इस तानाशाही और एकतरफा कार्रवाई के विरोध में आज उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल, उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) के बैनर तले सैकड़ों व्यापारियों ने मेरठ कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और धरना दिया।

प्रदर्शन के दौरान उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और विकास प्राधिकरण नियमों की गलत व्याख्या करके व्यापारियों का लगातार मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न कर रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का गलत हवाला देकर व्यापारियों में डर का माहौल बनाया जा रहा है और मनमाने ढंग से नोटिस बांटे जा रहे हैं, जिसे उत्तर प्रदेश का व्यापारी समाज किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार से इस प्रकार की उत्पीड़नकारी कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की पुरजोर मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया। व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि विभागों ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और व्यापारियों का यह उत्पीड़न तुरंत बंद नहीं हुआ, तो संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में उग्र आंदोलन करने के लिए विवश हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन और धरने के दौरान संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और व्यापारी प्रतिनिधि भारी संख्या में उपस्थित रहे। इनमें मुख्य रूप से राजकुमार त्यागी, इसरार सिद्दीकी, सुनील गुप्ता, अतुल्य गुप्ता, सुशील जैन, साजिद सरफराज, मनी बंसल, निशांत अग्रवाल, ब्रह्मपाल, अतुल त्यागी, पुनीत और राजकुमार सैनी समेत तमाम स्थानीय व्यापारी शामिल रहे। व्यापार जगत में इन मनमाने नोटिसों को लेकर भारी रोष व्याप्त है।


