न्यूज127
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद पौड़ी के आपदाग्रस्त सैंजी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर आपदा प्रभावित परिवारों से भेंट की। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और आपदा से हुए नुकसान की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में प्रभावितों के साथ खड़ी है और राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। सैंजी गांव में मुख्यमंत्री स्वयं क्षतिग्रस्त रास्तों से गुजरते हुए आपदा पीड़ित परिवारों के घर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने राहत कार्यों की गति को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
नौठा गांव में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बुराँसी के पांच आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक भी प्रदान किए और अन्य ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि राहत व पुनर्वास कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जाए और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने में विलंब न हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने अधिकारियों से कहा कि राहत केंद्रों में बिजली, पानी, राशन, दवाइयों, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने भूगर्भीय अध्ययन हेतु वाडिया इंस्टीट्यूट के माध्यम से तत्काल सर्वेक्षण कराने के भी निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की तैनाती कर बीमार, वृद्ध, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपचार किट, आवश्यक दवाइयां और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर समय बनी रहनी चाहिए।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत भी मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का धन्यवाद करते हुए सुझाव दिया कि पुनर्वास के लिए एक समिति का गठन किया जाए और जिनके मकान या दुकानें क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता पर सहायता मिले।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है और राहत सामग्री व धनराशि का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीमें हर गांव तक पहुंच रही हैं और किसी भी पीड़ित को राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।




