राजाजी रिजर्व फॉरेस्ट में वीआईपी शादी पर विवाद, वन विभाग ने कराया केस, मंत्री ने दी सफाई








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न्यूज 127, हरिद्वार।
हरिद्वार के रिज़र्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आने वाले सुरेश्वरी देवी मंदिर में हो रही वीआईपी शादी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फॉरेस्ट एक्टिविस्ट की शिकायत पर जहां राजा जी टाइगर रिजर्व ने मंदिर समिति के खिलाफ केस दर्ज कराने की तैयारी की हैं वहीं, मंत्री ने इस पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे अनुज की शादी हरिद्वार के सुरेश्वरी देवी मंदिर में हो रही है। रिजर्व पार्क के अंतर्गत आने वाले मंदिर में शादी की तैयारी के लिए बड़ा शामियाना और दूसरे तामझाम लगाए गए थे। लेकिन मामला खबरों में आने के बाद शादी के कार्यक्रम को बेहद सीमित कर दिया गया है। खुद कैबिनेट मंत्री खजान दास ने बताया कि मंदिर परिसर में सिर्फ फेरे लेने का कार्यक्रम होगा। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति से अनुमति और पार्क प्रशासन से सहमति लेने के बाद ही कार्यक्रम तय किया गया था। रविवार दोपहर को कैबिनेट मंत्री खजान दास सुरेश्वरी देवी मंदिर पहुंचे। यहां उनके बेटे के साथ वधू पक्ष भी आए और सीमित रूप से केवल पूजा अर्चना और फेरों की रस्म अदा की गई। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि, वो कई सालों से सुरेश्वरी देवी मंदिर आ रहे हैं। बेटे की तबीयत भी मां सुरेश्वरी देवी के आशीर्वाद से ठीक हुई तो, उनकी इच्छा थी कि मंदिर परिसर में ही शादी की जाए।

अधिकारियों ने नहीं दी जानकारी
मंत्री खजान दास का कहना है कि अधिकारियों ने जानकारी नहीं दी थी कि मंदिर में शादी के आयोजन की परमिशन लेनी पड़ेगी। कुछ दिन पहले भी वो मंदिर आए थे, उस समय राजाजी के अधिकारी भी उनके साथ थे, वन निदेशक ने शादी के आयोजन की हामी भी भरी। मंदिर समिति की अनुमति से उनके द्वारा शादी की तैयारी की जा रही थी। मंत्री खजान दास ने आरोप प्रत्यारोप को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि, यह दुखद और चिंताजनक विषय है। यदि वन निदेशक उन्हें पहले ही बता देते तो वो कहीं और शादी का आयोजन कर लेते।

शादी के आयोजन को लेकर गलत प्रचार किया गया
सुरेश्वरी देवी मंदिर समिति के महामंत्री आशीष मारवाड़ी ने बताया कि, मंत्री खजान दास की इच्छा थी कि मां भगवती के दरबार में वह अपने बेटे की शादी पूजा और भंडारे का आयोजन करें। बड़े स्तर पर कुछ नहीं किया जा रहा था। राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन द्वारा यदि कोई कार्रवाई की गई है तो वो कर सकते हैं, उनका जंगल है लेकिन शादी के आयोजन को लेकर गलत प्रचार किया गया। यह कार्यक्रम इतने बड़े स्तर पर नहीं था।

गेट बंद होने से निराश हुए श्रद्धालु
पार्क प्रशासन ने रविवार सुबह सुरेश्वरी देवी मंदिर की ओर जाने वाले गेट बंद कर दिए थे, जिसके चलते मंदिर में माता के दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे फिर से पार्क के गेट खोले गए जिसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की।