हरिद्वार।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केदारनाथ से कन्याकुमारी तक देश में मौजूद एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकालने के लिए केंद्र और राज्य सरकार संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन को याद किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों और युवाओं को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा। इस दौरान उन्हें रामपुर तिराहा कांड जैसी दुखद घटनाओं का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बाद में केंद्र में भाजपा सरकार बनने पर तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया। आज ये तीनों राज्य विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया है और इसे संवारने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से 2026 तक का समय उत्तराखंड के समग्र विकास को समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है और बीते चार वर्षों में राज्य की कई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त करने का काम किया गया है।
तीन साल में मिलेगा न्याय
अमित शाह ने कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ताओं और आम नागरिकों से नई न्याय संहिता पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंग्रेजों के समय के लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने कानूनों को समाप्त कर आधुनिक न्याय व्यवस्था लागू करने का कार्य किया है। वर्ष 2028 तक नई न्याय संहिता के सभी प्रावधान पूरी तरह लागू हो जाएंगे। इसके बाद किसी भी मामले में थाने में एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अंतिम निर्णय आने में अधिकतम तीन वर्ष का समय लगेगा। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय व्यवस्था बताया।
सीएए से शरणार्थियों को मिला अधिकार
केंद्रीय गृह मंत्री ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का। उन्होंने कहा कि वर्षों तक तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इन लोगों को नागरिकता से वंचित रखा गया, जबकि ये लोग अपने धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए भारत आए थे। सरकार विरोध के बावजूद उन्हें नागरिकता देने के फैसले पर अडिग है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इनमें धारा 370 को समाप्त करना, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, बद्रीनाथ-केदारनाथ धामों का पुनर्निर्माण, उज्जैन में महाकाल लोक और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण जैसे अनेक कार्य शामिल हैं।
नकल विरोधी कानून से आई पारदर्शिता
गृहमंत्री ने उत्तराखंड पुलिस में आरक्षी पद पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले 1900 युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में अब ‘बिना पर्चा और बिना खर्चा’ के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लागू किया गया सख्त नकल विरोधी कानून युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है और यह कुंभ आने वाले सभी रिकॉर्ड तोड़ने वाला होगा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ का दर्जा दिया है। इस योजना का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों से पलायन को रोकना और वहां के विकास को गति देना है।
अतिक्रमण हटाने के अभियान की सराहना
अमित शाह ने उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में लगभग 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है, जो एक बड़ा और साहसिक कदम है।
उत्तराखंड को मिली रिकॉर्ड केंद्रीय सहायता
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच उत्तराखंड को केंद्र सरकार से लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिली थी, जबकि वर्ष 2014 के बाद से अब तक राज्य को 1 लाख 87 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में ऑलवेदर रोड, दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर, रेल और सड़क परियोजनाओं सहित कई बड़े विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1 लाख 80 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 2 लाख 74 हजार रुपये हो चुकी है। वहीं राज्य का सकल घरेलू उत्पाद भी 2 लाख 22 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 3 लाख 82 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड को विकास, सुरक्षा और सुशासन के नए शिखर तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं
केदारनाथ से कन्याकुमारी तक घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध सरकार: अमित शाह




