डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में शुरू हुई तीन दिवसीय शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यशाला








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न्यूज 127, हरिद्वार।
डीएवी काॅलेज प्रबन्धकर्तृ समिति, नई दिल्ली जो कि सबसे बड़ी गैर सरकारी संस्था है जिसके अधीन करीब 1000 शिक्षण संस्थाएं – स्कूल, काॅलेज, तकनीकी संस्थान, आयुर्विज्ञान संस्थान और शोध केन्द्र पूरे देश में फैले हुए हैं, देश के विकास एवं उन्नति में अपना योगदान देती चली आ रही है। समाज एवं देश के प्रति अपने कर्तव्य से पूर्णतः सजग है। समाज एवं देश के हित के लिए डीएवी संस्था अपने प्रधान पद्मश्री डाॅ0 पूनम सूरी जी की अध्यक्षता में नित नए आयाम छू रही है।

मास्टर ट्रेनर कर रहे शिक्षकों को प्रशिक्षित
बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा क्षेत्र में आ रही नवीन पद्धतियों के अनुसार अपने शिक्षकों को उन्नत करने के लिए डीएवी प्रबन्धकर्तृ समिति, नई दिल्ली द्वारा उनके शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाते हैं। यह मास्टर ट्रेनर अपने-अपने ज़ोन में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करते हैं और इसी प्रकार नवीन शिक्षा पद्धति कक्षा-कक्ष में बच्चों तक पहुँचती है। शैक्षणिक उत्कृष्टता केन्द्र की निदेशक डाॅ0 निशा पेशिन एवं उनकी टीम द्वारा इन कार्यशालाओं का चरणबद्ध तरीके से आयोजन किया जा रहा है।

तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
इसी कड़ी में उत्तराखण्ड ज़ोन-ए के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी तथा ट्रेनिंग संयोजक पी.सी. पुरोहित के निर्देशन में उत्तराखण्ड ज़ोन-ए एवं  बी के डीएवी स्कूलों में तीन-दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल, जगजीतपुर हरिद्वार में विज्ञान,अंग्रेजी, कम्प्यूटर साइंस, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान के शिक्षकों के लिए तीन-दिवसीय कार्यशालाएं दिनाँक 22 से 24 जून 2026 में आयोजित की जा रही हैं। जिसमें डीएवी हरिद्वार के अतिरिक्त कोटद्वार, देहरादून, काशीपुर, हल्द्वानी, बाजपुर, रुद्रपुर के शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। सभी शिक्षकों को कार्यशाला की समाप्ति के उपरांत प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे।

जो सीखें उसे कक्षा में बच्चों तक पहुंचाएं: कपिल
आयोजक स्कूल के प्रधानाचार्य मनोज कुमार कपिल ने डीएवी हरिद्वार में आयोजित की जा रही कार्यशाला में आए सभी शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि इन कार्यशालाओं में जो भी आप सीखेंगे उसे कक्षा-कक्ष में बच्चों तक अवश्य पहुंचाएं तभी इसके आयोजन की सार्थकता है। सभी शिक्षकों ने इसे बच्चों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई। विद्यालय के अन्य सभी शिक्षक भी अपने-अपने विषयों में उत्तराखण्ड के अन्य डीएवी स्कूलों में आयोजित की जा रही प्रशिक्षण कार्यशालाओं में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।